मामला प्रोफेसर के साथ डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का
⚫ असम, जम्मू और पंजाब के 03 अन्य आरोपियों को किया गिरफ्तार
⚫ 9 आरोपी पूर्व में हो चुकी गिरफ्तार
⚫ तीन की भूमिका महत्वपूर्ण
⚫ संगठित अंतर राज्यीय साइबर ठगी गिरोह
हरमुद्दा
रतलाम, 22 जनवरी। प्रोफेसर के साथ “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की गई अंतरराज्यीय साइबर ठगी के प्रकरण में निरंतर प्रभावी कार्रवाई करते हुए 03 अतिरिक्त आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता प्राप्त की गई है। तीन आरोपियों को असम पंजाब और जम्मू कश्मीर से गिरफ्तार किया गया है पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। अब तक इस प्रकरण में जबलपुर, नीमच, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात से कुल 09 आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्य, बैंक ट्रेल, कॉल डिटेल एवं पूर्व गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर 03 अन्य महत्वपूर्ण आरोपियों की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया।।
गिरफ्तार आरोपी
⚫ मोहन पिता रुघनाथ काबरा
(27) निवासी 20E शिव अपार्टमेंट, एन.के. रोड, बादल कॉलोनी, जिला मोहाली, पंजाब
⚫ सुमीरन शर्मा पिता स्वामी प्रसाद शर्मा (30) निवासी वार्ड नं. 07, आर्य समाज मोहल्ला, अखनूर, जिला जम्मू, जम्मू-कश्मीर
⚫ सुरेश पिता गणेश रजक (37) निवासी धुलिया जान, सोनापुर, जिला डिब्रूगढ़, असम
यह है पूरा मामला
15 नवंबर 2025 को फरियादी को अज्ञात कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें कॉलर ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर फरियादी को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फँसाने का भय दिखाया। आरोपियों द्वारा फर्जी डिजिटल जांच एवं अदालत जैसा दृश्य दिखाकर Signal App के माध्यम से वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” की स्थिति बनाई। आधार, बैंक व निजी दस्तावेज प्राप्त कर 15 नवंबर 2025 से 12 दिसंबर 2025 के बीच कुल ₹1,34,50,000/- की राशि छल व भय से प्राप्त की गई। घटना पर तत्काल ई-एफआईआर दर्ज कर थाना दीनदयाल नगर पर BNS एवं IT Act की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए 18 सदस्यीय SIT गठित की गई।
पूर्व में की गई प्रमुख कार्रवाई
अब तक इस प्रकरण में जबलपुर, नीमच, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात से कुल 09 आरोपी गिरफ्तार कर ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों व क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित करना उजागर किया। संगठित साइबर अपराध पाए जाने पर धारा 111 BNS जोड़ी गई।
आरोपियों की भूमिका
आरोपी मोहन ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अमरेंद्र के साथ मिलकर उसके नाम से बैंक खाते खुलवाए और उनका उपयोग ठगी की राशि के ट्रांजैक्शन में किया। आरोपी अमरेंद्र कमीशन पर खाता मोहन को देने के लिए सुरेश के साथ गुवाहाटी गया था। मोहन ने अमरेंद्र को कमीशन का लालच देकर उसके खाते का उपयोग फ्रॉड में किया। मोहन द्वारा अमरेंद्र व अन्य खातों के माध्यम से लगभग ₹02 करोड़ के फ्रॉड ट्रांजैक्शन कराए गए।
महिला आरोपी की भूमिका
महिला आरोपी सुमीरन ने पूर्व गिरफ्तार आरोपी शानू के साथ मिलकर ठगी की राशि को अपने खाते से आगे ट्रांसफर किया। महिला आरोपी सिमरन टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से apk फाइल भेज कर अकाउंट का एक्सेस लेकर फ्रॉड करती थी।
संगठित अंतर राज्यीय साइबर ठगी गिरोह
इन तीनों आरोपियों की भूमिका से यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित, अंतरराज्यीय एवं तकनीकी रूप से संचालित साइबर गिरोह है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
Hemant Bhatt