सामाजिक सरोकार : समाज महिलाओं को मज़बूत करेगा तो समाज स्वयं भी मज़बूत होगा

सामाजिक सरोकार : समाज महिलाओं को मज़बूत करेगा तो समाज स्वयं भी मज़बूत होगा

पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने कहा

⚫जनवादी लेखक संघ ने सृजनशील महिलाओं का किया सम्मान

हरमुद्दा
रतलाम, 5 मार्च। महिलाओं के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदलना बहुत आवश्यक है। हर साल महिला दिवस मनाने के लिए एक खास थीम रखी जाती है। इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम 'गिव टू गेन 'रखी गई है। इसका आशय यह कि महिला को समाज जितना सम्मान और सुरक्षा देगा उतनी ही सुरक्षा और सम्मान समाज भी पाएगा। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि महिलाओं के प्रति समाज संवेदनशील बने और उसे हर दृष्टि से मजबूत करे ताकि समाज भी मज़बूत हो सके।


उक्त विचार जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के संदर्भ में आयोजित महिला सम्मान समारोह में पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज यहां शहर की सृजनशील महिलाओं का सम्मान हो रहा है यह रतलाम की रचनात्मकता का सम्मान है।

महिलाओं से मिलती है समाज को पहचान

पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. सुलोचना शर्मा ने कहा कि महिलाओं से समाज को एक पहचान मिलती है। इसलिए महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करना आवश्यक है।

सम्मान से होता है सामाजिक विकास

पूर्व प्राचार्य डॉ. गीता दुबे ने कहा कि महिलाओं का सम्मान एक दिन न होकर हर दिन और हर समय होना चाहिए ताकि हमारे परिवारों में सामाजिकता का विकास हो सके। शिक्षाविद शिवकांता भदौरिया ने कहा कि स्त्री हमारी संस्कृति की तरह है जो सतत प्रवाहमान है। एक स्त्री को समझना पूरी संस्कृति को समझने के समान है। शिक्षाविद डॉ. पूर्णिमा शर्मा, डॉ.स्वर्णलता ठन्ना नागर ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।

इनका हुआ सम्मान

जनवादी लेखक संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने कहा कि इस वर्ष महिला दिवस पर रंगपंचमी का पर्व होने से महिला सम्मान समारोह पूर्व में आयोजित किया गया है। जलेसं द्वारा शहर की सृजनशील महिलाओं डॉ. लीला जोशी, शिवाकांता भदौरिया, डॉ.सुलोचना शर्मा, डॉ. पूर्णिमा शर्मा, डॉ. गीता दुबे, आशा श्रीवास्तव, जयश्री पाल कला डामोर का सम्मान किया गया। इस अवसर पर महिलाओं से संबंधित रचनाओं की प्रस्तुति शायर अब्दुल सलाम खोकर , आई.एल. पुरोहित , डॉ. एन. के .शाह , पूजा चोपड़ा ने की। संचालन आशीष दशोत्तर ने किया।

इन्होंने किया सम्मान

आयोजन में महिलाओं का सम्मान वरिष्ठ रचनाकार प्रो.रतन चौहान, ओमप्रकाश मिश्र, नरेन्द्र सिंह पंवार, जुझार सिंह भाटी, नरेंद्र सिंह डोडिया, डॉ.मोहन परमार, विनोद झालानी, गीता राठौर, मांगीलाल नगावत, जितेंद्र सिंह पथिक ,सुभाष यादव , प्रकाश हेमावत, पंकज व्यास , रचना चंद्रावत , चरण सिंह जादव , एस.के.मिश्रा सहित अन्य साथियों ने किया।