सोनकच्छ में सामाजिक बदलाव की बयार: देहदान से बचेगी प्रकृति और समृद्ध होगी चिकित्सा शिक्षा

सोनकच्छ में सामाजिक बदलाव की बयार: देहदान से बचेगी प्रकृति और समृद्ध होगी चिकित्सा शिक्षा

रतलाम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शतक वीर रक्तदानी समाजसेवी गोविंद काकानी ने कहा

⚫ शासन का सहयोग और सम्मान का आश्वासन

⚫ प्रेरणादायक पहल: कार्यशाला के साथ ही भरा देहदान का संकल्प पत्र

हरमुद्दा
​सोनकच्छ, 17 अगस्त। वैश्य महासम्मेलन और रोटरी क्लब सोनकच्छ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नेत्रदान एवं देहदान जागरूकता कार्यशाला ने समाज को एक नई दिशा देने का काम किया है। कार्यक्रम में आए विशेषज्ञों ने न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में दान के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण का भी एक बड़ा माध्यम बताया।


​लकड़ी की खपत घटेगी, बचेगा पर्यावरण

मुख्य वक्ता और समाजसेवी गोविंद काकानी ने देहदान को पर्यावरण सुरक्षा से जोड़ते हुए एक बड़ा सामाजिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दाह संस्कार में भारी मात्रा में लकड़ी का उपयोग होता है, जिससे बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई होती है। यदि समाज में देहदान के प्रति स्वीकृति बढ़ती है, तो इससे पेड़ों को कटने से बचाकर सीधा पर्यावरण संरक्षण किया जा सकता है। उन्होंने कोरोना काल का स्मरण कराते हुए प्राकृतिक ऑक्सीजन और वृक्षों के संरक्षण पर जोर दिया।

अंधविश्वास पर प्रहार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

कार्यशाला में नेत्रदान और देहदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया गया। काकानी ने 'अगले जन्म में अंधा पैदा होने' जैसे मिथकों पर करारा तंज कसते हुए वैज्ञानिक सोच अपनाने का आह्वान किया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तेजस मेहता और एम के इंटरनेशनल इंदौर की डायरेक्टर उमा झवर ने प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया कि कैसे एक व्यक्ति का कॉर्निया किसी दृष्टिहीन की जिंदगी में नया उजाला ला सकता है।

शासन का सहयोग और सम्मान का आश्वासन

मुख्य अतिथि विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने सोनकच्छ क्षेत्र में नेत्र प्रत्यारोपण की योजना बनाने और शासन स्तर पर देहदानकर्ताओं के परिवारों को 'गार्ड ऑफ ऑनर' व प्रशस्ति पत्र दिलाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। विशेष अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष श्रुति बघेल ने भी ऐसी कार्यशालाओं को समाज के लिए बेहद उपयोगी बताया।

प्रेरणादायक पहल: कार्यशाला के साथ ही भरा देहदान का संकल्प पत्र

कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि जागरूकता से प्रेरित होकर राजेंद्र कुमार जाजू (पिता सूरजमल जाजू) ने मौके पर ही देहदान का संकल्प पत्र भरकर विधायक डॉ. सोनकर के माध्यम से गोविंद काकानी को सौंपा। सोनकच्छ क्षेत्र में देहदान के प्रति यह एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।

दीप प्रज्वलन से शुरू हुए इस दो घंटे के आयोजन में सत्यनारायण लाठी, हुकुमचंद अग्रवाल, सुरेशचंद्र मुंदड़ा सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।