फैसला : जमीन विवाद में की थी मारपीट, पिता पुत्र सहित तीन को पांच- पांच वर्ष की सजा
⚫ मामला 2021 का
⚫ रास्ते पर मोहरम डालने को लेकर हुआ था विवाद
हरमुद्दा
रतलाम, 8 अप्रैल। पांच वर्ष पूर्व जमीन पर निकलने के रास्ते में मोहरम डालने की बात को लेकर हुए विवाद हुआ। विवाद में हुई मारपीट में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव प्रभुलाल पिता शोभाराम मोगिया, (65), दिलीप पिता शंभुलाल मोगिया, (45), मनीष पिता प्रभुलाल मोगिया, (37) सभी निवासी ग्राम रामपुरिया, पुलिस थाना-बिलपांक को न्यायालय द्वारा पांच-पांच वर्ष की सजा व 18 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया है।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने हरमुद्दा को बताया कि फरियादी राकेश मोगिया और उसके काका के मध्य जमीन संबंधी रास्ते का विवाद होने पर पटवारी द्वारा बताए रास्ते पर ट्रेक्टर से मुरम डलवाकर घटना 28 जून 20 को वह घर आया तो उसके समधी और साला धारासिंह भी घर आये थे। उसी समय रात्रि के लगभग 09:30 बजे अभियुक्तगण प्रभुलाल, मनीष और दिलीप ने मां-बहन की गालियां दी, गालियां देने से मना करने पर अभियुक्तगण प्रभुलाल और दिलीप ने जान से मारने की नीयत से लकड़ी से बांये पैर में, दोनों हाथ में और मुंह में मारा। आहत गोवर्धन को अभियुक्त दिलीप ने लोहे के पाईप से दोनों पैर, सिर और गर्दन में मारा। उसी समय अभियुक्त मनीष दौड़कर आया और संजय दायमा को दोनों पैरों में, हाथों में चाकू जैसी किसी वस्तु से मारा। अभियुक्त मनीष ने धारासिंह को लकडी से मारा जिससे उसे दाहिने पैर, सिर और दोनों हाथ में चोट लगी। फरियादी राकेश की पत्नी भागवंता बाई, फेक्ट्री का चौकीदार दिनेश और उसके पिता मुंशीलाल ने आकर बीच-बचाव किया। अभियुक्तगण ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी थी।
घायलों का हुआ उपचार
घायलों को मारपीट के पश्चात् ईलाज हेतु जिला चिकित्सालय रतलाम में भर्ती कराया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। आहतगण का मेडिकल और एक्स-रे परीक्षण कराया गया। थाना बिलपांक में अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध धारा 294, 307 और 506 भारतीय दण्ड संहिता की रिपोर्ट दर्ज कर घायलों के बयान दर्ज किए गए।
सुनाई सजा
घटना स्थल से खून लगी मिट्टी जप्त की गई व अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर घटना में उपयोग कि गई लकड़ी, चाकू जप्त किए गए। पुलिस थाना बिलपांक द्वारा आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था जिस पर सुनवाई पूर्ण कर सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव के न्यायालय द्वारा तीन अभियुक्तगण को सजा दी गई। एक अभियुक्त अशोक को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। न्यायालय ने जुर्माने की 18 हजार रुपए की राशि में से चार-चार हजार रुपए आहत राकेश व धारासिंह को तथा नो हजार रुपए आहत गोवर्धन को देने का भी आदेश दिया।
Hemant Bhatt