जिले में मानसून की धीमी हो गई चाल, 24 घंटे में मात्र तीन मिमी औसत बारिश दर्ज
⚫ पिपलोदा में सर्वाधिक चार मिमी बारिश
⚫ ताल आलोट में नहीं बरसे बदरा
हरमुद्दा
रतलाम, 9 जुलाई। स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन सिस्टम मजबूत न होने की वजह से केवल कुछ ही हिस्सों में हल्की बौछारें हुई। गुरुवार को सुबह 8 बजे समाप्त हुई 24 घंटे के दरमियान जिले में औसत रूप से 3 मिलीमीटर रिमझिम बारिश हुई। किसानों का कहना है कि फसलों की अच्छी ग्रोथ के लिए आने वाले दिनों में एक तेज और लंबी झड़ी की सख्त जरूरत है।

रतलाम जिले में मानसून की चाल धीमी
जिले में पिछले कुछ दिनों से मानसून की गतिविधि काफी तेज हो गई थी, मगर बुधवार को धीमी रही। दोपहर बाद कई बार सूरज और बादलों की लुकाछिपी चलती रही। शाम तकरीबन 7 बजे बाद बदरा कुछ समय बरसे। प्रशासन द्वारा जारी ताजा तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूरे जिले में बेहद हल्की और छिटपुट वर्षा ही दर्ज की गई है। जिले की औसत वर्षा महज 3.00 मिमी दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि फिलहाल जिले को एक अच्छी और जोरदार बारिश का इंतजार है।
सर्वाधिक आठ मिमी में बारिश पिपलोदा में, आलोट व ताल में एक बूंद भी नहीं बरसा मेघा
तहसीलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पिपलोदा में स्थिति थोड़ी बेहतर रही, जहां सर्वाधिक 8.00 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, आलोट और ताल जैसी तहसीलों में सूखा ही रहा, बिल्कुल भी पानी नहीं बरसा। रतलाम, रावटी और सैलाना में 4-4 मिमी बारिश हुई। जावरा में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
Hemant Bhatt