तुलसी वॉटर पार्क और स्पा सेंटर देह व्यापार मामला: कोर्ट ने आरोपी मैनेजर की दूसरी जमानत याचिका भी की खारिज

तुलसी वॉटर पार्क और स्पा सेंटर देह व्यापार मामला: कोर्ट ने आरोपी मैनेजर की दूसरी जमानत याचिका भी की खारिज

3 विदेशी महिलाओं के साथ अनैतिक देह व्यापार में लिप्त का मामला

हरमुद्दा
​रतलाम,08 जुलाई। नामली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पंचेड़ स्थित तुलसी वॉटर पार्क और स्पा सेंटर में विदेशी महिलाओं के जरिए चलाए जा रहे अनैतिक देह व्यापार मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मैनेजर भरत पिता सुरेश मेवाड़ा (उम्र 27 वर्ष), निवासी शिवाजी नगर, पाली (राजस्थान) की दूसरी नियमित जमानत याचिका को भी सिरे से खारिज कर दिया है।



केस डायरी और अभियोजन पक्ष के अनुसार, बीती 5 जून 2026 को नामली पुलिस ने तुलसी पार्क स्पा सेंटर पर दबिश दी थी। मौके से आरोपी मैनेजर भरत को अन्य सह-आरोपियों (संचालक नरेश, दिलीप, योगेश) और 3 विदेशी महिलाओं के साथ अनैतिक देह व्यापार में लिप्त होने और सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि भारत के बाहर की महिलाओं को अनैतिक व्यापार के उद्देश्य से लाया जाना, आरोपियों की श्रृंखलाबद्ध संलिप्तता और एक बड़े सुनियोजित कृत्य को दर्शाता है।

 कोर्ट में आरोपी और अभियोजन की दलीलें

​आरोपी पक्ष का तर्क है कि आरोपी के अधिवक्ता योगेश शर्मा ने दलील दी कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और वह केवल वॉटर पार्क का एक कर्मचारी था, उसे स्पा सेंटर की गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। वह पिछले एक महीने से न्यायिक अभिरक्षा में है और पुलिस को उसके स्पा मैनेजर होने का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं मिला है। शासन की ओर से अपर लोक अपीलीयोजक विवेक उपाध्याय ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि अपराध बेहद गंभीर प्रकृति का है और मामले की जांच (अनुसंधान) अभी अपूर्ण है, इसलिए आरोपी को राहत नहीं दी जानी चाहिए।

परिस्थितियों में नहीं हुआ कोई बदलाव

​न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव ने मामले के समस्त तथ्यों और अपराध की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि आरोपी की पहली जमानत याचिका 10 जून 2026 को खारिज की जा चुकी है। तब से लेकर अब तक परिस्थितियों में कोई ऐसा सारवान (महत्वपूर्ण) बदलाव नहीं आया है जिसके आधार पर आरोपी को जमानत का लाभ दिया जा सके। अतः कोर्ट ने आरोपी भरत मेवाड़ा का द्वितीय प्रतिभूति आवेदन पत्र निरस्त कर दिया।

इन धाराओं में दर्ज है मामला 

​नामली पुलिस ने इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 230/2026 के तहत ​अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धारा 3, 4, 5, 6, 7 व 8 विदेशियों विषयक अधिनियम की धारा 20(1) सहपठित धारा 23(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया है, जिसकी विवेचना फिलहाल जारी है।