2 महीने का आदेश दूसरे दिन ध्वस्त : रैली भी निकली और प्रदर्शन भी हुए, लगा भारी पुलिस बल
⚫ एडीएम ही फोन उठाने को तैयार नहीं
हरमुद्दा
रतलाम, 20 फरवरी। गुरुवार को जिले भर के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए। यह भी बताया गया कि आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी। मगर दूसरे दिन शुक्रवार को ही आदेश सरे आम ध्वस्त हुए। रैली भी निकाली और प्रदर्शन भी हुए। शुरुआत में एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। शाम को कांग्रेस ने पुतला दहन किया। इसके लिए भारी पुलिस बल भी लगाना पड़ा।

कोर्ट चौराहे पर ही हुआ जैसे तैसे ज्ञापन
गुरुवार को लागू किए गए आदेश की धज्जियां उड़ाने की शुरुआत शुक्रवार को एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने की। अंबेडकर सर्किल से रैली निकाली। जिन्हें भारी पुलिस बल ने कोर्ट चौराहे से आगे नहीं बढ़ने दिया। उनकी तमन्ना कलेक्टर कार्यालय तक जाने की थी। एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के समर्थन में यह सब कुछ किया। इसके साथ ही स्टे को हटाने की भी मांग की। रैली में काफी संख्या में लोग एकत्र हुए। कोर्ट चौराहे पर ही जैसे तैसे ज्ञापन लिया और रैली संपन्न हो गई। प्रशासन के जिम्मेदार इस में अपने आप को कामयाब समझने लगे की रैली को कलेक्टर कार्यालय परिसर तक नहीं जाने दिया।
यहां भी करनी पड़ी काफी मशक्कत
कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की सीख देने वाले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ कांग्रेस का गुस्सा फूटा। शाम को कांग्रेसियों ने धानमंडी क्षेत्र में प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री के पोस्टर लगे हुए पुतले फुके, हालांकि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर बाद में अलग से जलाएं। इस प्रदर्शन में पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ी। वाटर कैनन चलानी पड़ी।
आदेश का पालन करवाने में रुचि नहीं जिम्मेदारों की
शुक्रवार को हुए इन दोनों ही मामलों में जिला प्रशासन ने इन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। जबकि इन्होंने आदेश का उल्लंघन किया। मुद्दे की बात यह है कि प्रशासन केवल आदेश निकलने भर का कार्य करता है उसका पालन करवाने में रुचि जिम्मेदार नहीं रखते है। हरमुद्दा ने 8:45 बजे जब एडीएम को फोन लगाया और जानना चाहा कि आदेश प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले कितने लोगों पर कार्रवाई की गई है या फिर इसके लिए अनुमति दी गई है, कुछ तो बताते। मगर उन्होंने फोन रिसीव करना तक मुनासिब नहीं समझा। 1 घंटे इंतजार करने के बाद रीकॉल नहीं हुआ तो हरमुद्दा ने खबर प्रसारित की।
यह प्रतिबंध लगाया गुरुवार को
गुरुवार को ही अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ. शालिनी श्रीवास्वत द्वारा किसी भी आपत्तिजनक अथवा उद्वेलित करने वाली चित्र, संदेश करने पर, साम्प्रदायिक संदेश एवं उनकी फॉरवर्डिंग, ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सअप, सोशल मीडिया पोस्ट करने, पोस्ट पर कमेंट करने की गतिविधियों एवं धरना, रैली, जुलुस तथा ध्वनि विस्तार यंत्रो के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाया गया।
उल्लंघन पर कार्रवाई
यह भी कहा गया कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। उक्त आदेश आगामी 02 माह तक प्रभावशील रहेगा।
Hemant Bhatt