बिना फाटक की रेलवे क्रॉसिंग पर मालगाड़ी से टकराई पिकअप, 1 की मौत

बिना फाटक की रेलवे क्रॉसिंग पर मालगाड़ी से टकराई पिकअप, 1 की मौत

⚫ 6 गंभीर रूप से घायल

⚫ लापरवाही और अंधकार की खौफनाक कीमत

⚫ विसर्जन कार्यक्रम से लौट रहे पिकअप सवार

हरमुद्दा
​अनूपपुर, 23 अक्टूबर। जिले के चचाई थाना क्षेत्र अंतर्गत संजय नगर में एक बार फिर लापरवाही ने एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया। गुरुवार (22 अक्टूबर 2026) की देर रात लगभग 11:30 बजे एक बिना फाटक (अनमैन्ड) वाली रेलवे क्रॉसिंग को पार कर रही तेज रफ्तार पिकअप वाहन को एक मालगाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए, जिसमें एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य युवक गंभीर रूप से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

लापरवाही की पराकाष्ठा: जानलेवा साबित हुई जल्दबाजी

​शुरुआती जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में सवार ये सभी युवक किसी विसर्जन कार्यक्रम से लौट रहे थे। जश्न और थकान के माहौल में वाहन चला रहे शख्स द्वारा बरती गई लापरवाही और जल्दबाजी इस पूरी दुर्घटना की मुख्य वजह बनी।

​क्रॉसिंग पर अनदेखी: बिना गेट और बिना गेटमैन वाली रेलवे क्रॉसिंग नियमों के तहत बेहद संवेदनशील होती है, जहां से गुजरने से पहले वाहन चालकों को रुककर दोनों तरफ देखना अनिवार्य होता है।

​अंधेरे और रफ्तार का कहर: रात के अंधेरे में बिना सतर्कता बरते ट्रैक पार करने की कोशिश ने वाहन में सवार सभी लोगों की जान जोखिम में डाल दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मालगाड़ी पिकअप को करीब 100 मीटर दूर तक घसीटते हुए ले गई।

​हादसे का विवरण और हताहत

​दर्दनाक मौत: इस भीषण हादसे में 25 वर्षीय रवि बर्मन (पिता स्व. लाल बर्मन, निवासी चकेठी) की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि युवक का सिर धड़ से अलग हो गया, जिसने भी यह मंजर देखा उसकी रूह कांप उठी।

​गंभीर रूप से घायल: वाहन में सवार चकेठी गांव के ही अन्य 6 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें ​अर्जुन कोल (17), ​विकास सिंह (22),​शिवम बैगा (18), ​कन्हैया बर्मन (25), ​करन कोल (19) ​राजेश सिंह (26) शामिल हैं।

​रेस्क्यू और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

​हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। पिकअप वाहन बुरी तरह मालगाड़ी के नीचे फंसा हुआ था, जिसे निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया और सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

सबक: क्या ऐसे हादसों की कोई कीमत नहीं?

​यह दुर्घटना सिर्फ एक 'दुर्घटना' नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और वाहन चालकों की लापरवाही का जीता-जागता परिणाम है। बिना फाटक वाली क्रॉसिंग पर थोड़ी सी भी असावधानी सेकंडों में किसी की भी जान ले सकती है। रेलवे क्रॉसिंग पर सतर्कता बरतना और यातायात नियमों का पालन करना हर चालक की नैतिक जिम्मेदारी है, ताकि भविष्य में इस तरह के मातम और चीख-पुकार को रोका जा सके।