धर्म और संस्कृति का अनूठा संगम : टीवी, फ्रिज, कूलर के मिले पुरस्कार, बालिकाओं के खिले चेहरे
समिति द्वारा 1000 से अधिक बालिकाओं को मंच प्रदान कर उन्हें सम्मानित करना न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ के सामाजिक संकल्प को भी जमीन पर उतारने का एक प्रभावी माध्यम है।
⚫ मां पद्मावती मंदिर समिति ने 1000 से अधिक बालिकाओं को सम्मानित कर दिया सामाजिक सरोकार का संदेश
⚫ संस्कारों के साथ नारी सशक्तिकरण की अनूठी पहल
⚫ दिग्गजों और समाजसेवियों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा
हरमुद्दा
रतलाम, 23 अक्टूबर। त्योहार केवल उल्लास का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने और हमारी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त जरिया होते हैं। जवाहर नगर स्थित मां पद्मावती माता मंदिर नवदुर्गा समिति द्वारा आयोजित 9 दिवसीय गरबा रास महोत्सव ने इस बात को फिर साबित कर दिखाया है। यहाँ नौ दिनों तक माँ जगदंबे की आराधना के साथ-साथ पारंपरिक संस्कृति का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ 1000 से अधिक बालिकाओं को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया।

संस्कारों के साथ नारी सशक्तिकरण की अनूठी पहल
आज के दौर में जब युवा पीढ़ी पश्चिमी संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है, तब इस तरह के आयोजन बालिकाओं और युवतियों को अपनी पारंपरिक जड़ों से जोड़े रखने का कार्य कर रहे हैं। समिति द्वारा 1000 से अधिक बालिकाओं को मंच प्रदान कर उन्हें सम्मानित करना न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ के सामाजिक संकल्प को भी जमीन पर उतारने का एक प्रभावी माध्यम है।
आकर्षण का केंद्र बने 35 बंपर पुरस्कार


गरबा खेलने वाली बालिकाओं का उत्साहवर्धन करने के लिए समिति की ओर से एलसीडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, होम थिएटर, गोदरेज की अलमारी, एयर कूलर, मिक्सर ग्राइंडर और ओवन जैसे 35 बड़े बंपर पुरस्कार सहित कई आकर्षक उपहार वितरित किए गए। इतने बड़े स्तर पर बालिकाओं को पुरस्कृत किए जाने से पूरे क्षेत्र में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक और प्रोत्साहनपूर्ण माहौल देखने को मिला।





दिग्गजों और समाजसेवियों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा
इस सामाजिक और सांस्कृतिक महाकुंभ में शहर के कई प्रतिष्ठित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जवाहर व्यायाम शाला के संचालक गौरव जाट पहलवान, समाजसेवी सुभाष जैन, उद्योगपति मंगल अग्रवाल, शिक्षक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष दिनेश शर्मा, प्रेस क्लब उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, पूर्व नगर निगम चेयरमैन देव शंकर पांडे और पूर्व पार्षद बलवीर सोढ़ी ने शिरकत की। अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं।
सामूहिक सहभागिता से मिली सफलता

इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में महिला मंडल और पूरी गरबा समिति का सराहनीय योगदान रहा। महिला मंडल से पार्षद आशा रावत, लक्ष्मी वर्मा, बीना जॉनवेल, हंस राठौर, मंजू कछावा, सुमन राठौर, नंदा रावत, साधना नुकुम, अनुराधा नक्कडी सहित गरबा समिति के संचालक राजीव रावत, संरक्षक ईश्वर बाबा, राकेश कुन्हेरा, भारत नागवत, पप्पू मास्टर, रतन बहादुर, शेरू भाई, शैलेंद्र जाजोरिया, मुकेश परिहार, अजय कुन्हेरा, प्रवीण मरमट, उपेंद्र पटेरिया, रवि रमन, जगदीश सूर्यवंशी, मोहन ललावत, जमान पाल और पंडित गोपी महाराज ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
सहभागिता से सकारात्मक दिशा
समिति का यह अनूठा प्रयास रतलाम शहर में एक मिसाल बन गया है, जो यह सिखाता है कि किस तरह सामूहिक सहभागिता से समाज को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
Hemant Bhatt