एक साल से अधर में चांदनी चौक-बाजना बस स्टैंड मार्ग का निर्माण: आयुक्त बोले- '58 दिन में काम पूरा न हुआ तो छोड़ दूंगा नौकरी'
⚫ आक्रोशित रहवासियों ने किया चक्का जाम
हरमुद्दा
रतलाम, 21 अक्टूबर। चांदनी चौक से बाजना बस स्टैंड तक लक्कड़ पीठ रोड का निर्माण कार्य शुरू हुए लगभग एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन आज तक जनता को इस सड़क की सौगात नहीं मिली है। निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक सुस्ती और प्रशासनिक लापरवाही से त्रस्त लक्कड़ पीठ रहवासी संघ ने बुधवार को पुलिया के पास टेबल लगाकर चक्का जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही महापौर प्रहलाद पटेल और नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।

रहवासियों का फूटा गुस्सा, नाले की गंदगी और जाम समस्याओं का अंबार

चक्का जाम के दौरान रहवासियों ने महापौर और कमिश्नर के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण समय पर न होने और बिजली के पोल की शिफ्टिंग न होने के कारण उनका जीवन नारकीय हो गया है। इसके अलावा, क्षेत्र में खुले नाले, उनमें भरी अपार गंदगी और कचरे की गंभीर समस्या से लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं।
महापौर का बड़ा ऐलान : नाले पर लगेंगे 25 करोड़ के ब्लॉक

रहवासियों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर प्रहलाद पटेल ने नाले की समस्या के समाधान के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि नाले पर 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। नाले पर ब्लॉक लगाए जाएंगे ताकि वह अंडरग्राउंड हो जाए और ऊपर रेडी वाले अपना सामान बेचने के लिए बैठ सकें।
'58 दिन में सड़क पूरी नहीं हुई तो छोड़ दूंगा नौकरी'

मार्ग निर्माण में देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए आयुक्त अनिल भाना ने मौके पर ही बड़ा दावा किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि सब कुछ ठीक रहा, तो आगामी 58 दिनों के भीतर सड़क निर्माण का कार्य पूरी तरह से पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने यहाँ तक कह दिया— "यदि ऐसा नहीं हुआ तो मैं अपनी नौकरी (पद) छोड़ दूंगा।" हरमुद्दा से चर्चा में आयुक्त ने कहा कि वैसे तो काम 30-35 दिन में भी पूरा हो सकता है सैफ साइड 58 दिन लिए हैं।
ठेकेदार का अजीब तर्क : युद्ध के कारण बढ़े डामर के दाम

मीडिया के सामने महापौर ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही लापरवाह ठेकेदार तिमन्ना को कड़ी फटकार लगाई थी। उसके बाद बीच सड़क में खुदाई करके डिवाइडर का कार्य शुरू किया। ठेकेदार ने सफाई दी थी कि दुनिया में चल रहे युद्ध के कारण डामर (कोलतार/बिटुमेन) के भाव में 60 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है, जिसके चलते निर्माण कार्य में ढिलाई आई। इस पर महापौर ने ठेकेदार को दो टूक शब्दों में कहा कि अब तक कमाई की है, यदि इस प्रोजेक्ट में कुछ घाटा भी हो रहा है, तब भी निर्माण कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करें। नगर निगम में व्याप्त लापरवाही भ्रष्टाचार के प्रश्न पर महापौर ने कहा कि जितना कार्य इस परिषद में हुआ, उतना कार्य किसी भी परिषद में नहीं हुआ है। 400 करोड़ का विकास कार्य शहर में किया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया की पोल शूटिंग में विलंब होने का कारण यही रहा है की फाइल उज्जैन में 3 महीने से अटकी पड़ी है। जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले में ध्यान नहीं दिया।
निरीक्षण और चेतावनी
एक साल से अटके इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण को लेकर अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि दबाव में नजर आ रहे हैं। देखना यह होगा कि क्या 58 दिनों की इस नई समयसीमा में रहवासियों को धूल और कीचड़ से भरी इस सड़क से मुक्ति मिल पाती है या जनता का आक्रोश आगे और उग्र रूप लेगा।
Hemant Bhatt