मृतक महिला की पहचान छुपाने के लिए चेहरे को पत्थरों से कुचल कर की थी हत्या
इसके बाद मृतिका बोली कि मुझे घर पर नहीं जाना है। मैं तुम्हारे साथ रहूंगी। आरोपी ने समझाया कि वह शादीशुदा है। घर नहीं ले जा सकता। मृतिका नहीं मानी और दोनों में झगड़ा शुरू हो गया। इस समय आरोपी नारायण ने वहां पड़े पत्थर से मृतिका के सिर पर मारा जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
⚫ राजस्थान एमपी बॉर्डर का बहुचर्चित मामला
⚫ आरोपी नारायण को आजीवन कारावास
⚫ अभियोजन ने 26 गवाह और 93 दस्तावेज न्यायालय में किए प्रस्तुत
हरमुद्दा
रतलाम 3 फरवरी। ग्राम कुंडालपाड़ा बोरदा में राजस्थान बॉर्डर के पास 23 अक्टूबर 2021 को सुबह 9:00 बजे अज्ञात महिला का शव पड़ा हुआ था। जिसकी सूचना ग्रामवासियों ने पुलिस थाना सरवन को दी थी। इस पर सरवन पुलिस ने अज्ञात महिला का शव बरामद कर सोशल मीडिया पर फोटो वायरल किया। महिला का मुंह पत्थरों से कुचला हुआ था।।इस कारण कपड़ों से उसके परिजनों ने पहचान की। तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने मामले में ग्राम कुंडालपाड़ा के आरोपी नारायण पिता उदिया उम्र 25 वर्ष को न्यायालय ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने हरमुद्दा को बताया कि घटना 22- 23 अक्टूबर 2021 की मध्य रात्रि की है l मृतिका महिला ग्राम घाटीपाड़ा पुलिस थाना कुंडल दानपुर जिला बांसवाड़ा की रहने वाली थी। आरोपी नारायण 22 अक्टूबर 2021 की शाम को 6:00 बजे मृतिका को फोन लगाकर ग्राम घोड़ी तेजपुर बुलाया और वहां से नाश्ते के लिए चार कचोरी लेकर मोटरसाइकिल पर बिठाकर दानपुर होते हुए कुंडालपाड़ा के जंगल में ले गया, जहां पर पत्थरों की मेड के पास बबुल के पेड़ के नीचे दोनों बैठे थे। मृतिका की आरोपी से मोबाइल पर बातचीत होती थी। कचोरी का नाश्ता भी उनके साथ में था। उन्होंने वहां पर शारीरिक संबंध बनाए थे।
आरोपी से कहा मुझे घर ले चलो
इसके बाद मृतिका बोली कि मुझे घर पर नहीं जाना है। मैं तुम्हारे साथ रहूंगी। आरोपी ने समझाया कि वह शादीशुदा है। घर नहीं ले जा सकता। मृतिका नहीं मानी और दोनों में झगड़ा शुरू हो गया। इस समय आरोपी नारायण ने वहां पड़े पत्थर से मृतिका के सिर पर मारा जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उसके चेहरे पर पत्थर से भी मारा था ताकि चेहरा कोई पहचान नहीं सके। मृतिका की पहचान उसके पिता व भाई द्वारा की गई l
पुलिस ने मामला दर्ज किया
पुलिस थाना सरवन द्वारा आरोपी नारायण के विरुद्ध धारा 302, 201, 376 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई l घटना से जुड़े आर्टिकल पत्थर, मोबाइल, मृतिका द्वारा पहनी हुई चांदी की सकली, चांदी का कंदोरा, लेडिस चप्पल, अखबार के टुकड़े में कचौरिया बरामद की गई, जिसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में 26 साक्षी के कथन, 93 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए तथा 20 आर्टिकल प्रस्तुत किए गए जो सजा का आधार बने।
आजीवन कारावास के यह बने आधार
मामले का विचारण तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर के न्यायालय में हुआ। प्रकरण में अभियोजन में यह प्रमाणित किया मृतिका और आरोपी मोबाइल पर बातचीत करते थे। 22 अक्टूबर 2021 को मृतिका शाम 6:00 लगभग आरोपी नारायण के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर गई थी। आरोपी ने 49 बार मृतिका से मोबाइल पर बातचीत की थी। सीडीआर में मृतिका और आरोपी की लोकेशन घटना दिनांक को घोड़ी तेजपुर व दानपुर के आसपास की थी l डीएनए रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों एवं मृतिका के कपड़ों पर सामान रक्त पाया गया। साथ ही मृतिका ने जो जेवरात पहना था उस पर भी रक्त पाया गया था। मृतिका के चेहरे पर गंभीर चोटे चिकित्सक द्वारा प्रमाणित की गई। 22 अक्टूबर 2021 के पश्चात मृतिका जीवित नहीं देखी गई थी। इस आधार पर पाया गया कि आरोपी नारायण ने मृतिका की हत्या की है।
बलात्कार के आरोप से दोषमुक्त
न्यायालय ने आरोपी नारायण को धारा 302 भादवी में आजीवन कारावास तथा ₹5000 का जुर्माना तथा धारा 201 भादवी में 3 वर्ष की सजा तथा ₹1000 का जुर्माना लगाया l मृतिका बालिग महिला थी इस आधार पर सहमति की अवधारणा करते हुए धारा 376 भादवि के अपराध से दोष मुक्त किया l प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी द्वारा की गई l
Hemant Bhatt