अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर रतलाम पुलिस की कार्रवाई, 1.34 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश

अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर रतलाम पुलिस की कार्रवाई, 1.34 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश

रतलाम पुलिस ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश से किया आरोपियों को गिरफ्तार

⚫ बिहार, गुजरात में और आरोपी की तलाश जारी 

हरमुद्दा
रतलाम, 30 दिसंबर। रतलाम पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी प्रकरण का बड़ा खुलासा किया है। अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर रतलाम पुलिस की कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 34 लाख की ठगी का पर्दाफाश किया। इस मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात से आरोपियों को गिरफ्तार किया है इसके साथ ही गुजरात और बिहार में आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हैं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार

पुलिस कंट्रोल रूम पर हुई पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई बिहार में चल रही है। वहीं उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खातों में राशि भी दर्ज है। 

 हुआ था ऐसा

15 नवंबर 2025 को फरियादी रिटायर्ड प्रोफेसर के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए फरियादी को गंभीर आरोपों में फंसाने का भय दिखाया। आरोपी द्वारा यह कहा गया कि फरियादी के नाम से जारी सिम का उपयोग एक बड़े फ्रॉड में हुआ है। मुंबई स्थित केनरा बैंक में लगभग 247 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। उक्त बैंक खाते में फरियादी का आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज लगे हुए हैं। फरियादी द्वारा किसी भी प्रकार की जानकारी से इनकार करने पर उसे गिरफ्तारी वारंट जारी होने और तत्काल गिरफ्तारी का भय दिखाया गया।

बना था न्यायालय जैसा सेटअप
 
इसके बाद व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फरियादी को मानसिक दबाव में लिया गया। आधार कार्ड एवं अन्य निजी दस्तावेज प्राप्त किए गए। फरियादी के मोबाइल में Signal App इंस्टॉल करवाया गया। वीडियो कॉल के दौरान न्यायालय जैसा सेटअप, जज, वकील एवं गवाहों का नाटकीय दृश्य दिखाकर उसे “डिजिटल अरेस्ट” की स्थिति में रखा गया।

28 दिन में 1.34 करोड़

इस प्रकार आरोपियों द्वारा फरियादी की संपत्ति एवं बैंक खातों की जानकारी लेकर ब्लैकमेल किया गया।  15 नवंबर से 12 दिसंबर 2025 के बीच कुल 1 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए भय एवं छल के माध्यम से प्राप्त कर लिए गए।

पुलिस कार्रवाई से हुआ पर्दाफाश

घटना की गंभीरता के दृष्टिगत सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ई एफआईआर दर्ज की गई। थाना डीडी नगर पर धारा 318(4), 319(2), 308, BNS धारा 66(सी) एवं 66(डी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में 18 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

अंतरराज्यीय कार्रवाई एवं गिरफ्तारियां 

जबलपुर से गिरफ्तार आरोपी

⚫ अशोक पिता राधेश्याम जायसवाल, उम्र 61 वर्ष

⚫ सनी पिता सोनु जायसवाल, उम्र 34 वर्ष

⚫ सारांश उर्फ शानु पिता योगेन्द्र तिवारी, उम्र 18 वर्ष

⚫ एक विधि विरुद्ध बालक

इन आरोपियों द्वारा फरियादी से ठगी गई राशि में से कुल 14 लाख रुपए आपसी साँठ-गाँठ से अपने खातों में प्राप्त किए गए।

नीमच से गिरफ्तार आरोपी

आरोपी पवन पिता कैलाश कुमावत, उम्र 23 वर्ष, निवासी इन्द्रा कॉलोनी, नयागांव, थाना जावद, जिला नीमच को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खाते में 14 लाख रुपए की संदिग्ध राशि प्राप्त होना पाया गया।

उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार आरोपी

आरोपी अमरेन्द्र कुमार पिता बडेलाल प्रसाद मौर्य, उम्र 34 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।आरोपी एक NGO संचालक है, जिसके बैंक खाते में 50 लाख रुपए का संदिग्ध लेन-देन पाया गया।

गुजरात से इन आरोपियों को किया गिरफ्तार

⚫ आरिफ घाटा

⚫ हमीद खान पठान 

⚫ शाहिद कुरेशी 

⚫ सादिक हसन समा

इन आरोपियों द्वारा ठगी गई राशि का उपयोग क्रिप्टो करेंसी की खरीद में कर लगभग 5 लाख रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया।

एक टीम बिहार में कर रही कार्रवाई

एक टीम बिहार रवाना की गई है, जहां अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गुजरात में भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

धाराओं में वृद्धि

सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार माध्यमों का उपयोग कर संगठित रूप से धोखाधड़ी किए जाने पर प्रकरण में धारा 111 BNS का अतिरिक्त इजाफा किया गया है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

इस जटिल एवं अंतरराज्यीय साइबर अपराध के सफल अनावरण में निम्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष भूमिका रही। निरीक्षक अमित कोरी, निरीक्षक शंकर सिंह चौहान, उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक प्रवीण वास्कले, उप निरीक्षक जीवन बरिया, प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह, मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदिया, मोर सिंह, विपुल भावसार, मयंक व्यास, पावन जाट, सुनील (थाना दीनदयाल नगर), संजय कुशवाहा (थाना दीनदयाल नगर) की सराहनीय भूमिका रही।