पीएम आवास में बड़ी कार्रवाई: नगर निगम ने बकाया न चुकाने वालों के फ्लैट किए सील
⚫ हंगामे के बीच कुछ ने मौके पर ही जमा की राशि
⚫ पूर्व महापौर भी मौके पर पहुंचे, एंबुलेंस से भिजवाया अस्पताल
हरमुद्दा
रतलाम, 5 अगस्त। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिए गए फ्लैट्स का बकाया जमा न करने पर नगर निगम प्रशासन ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। नगर निगम आयुक्त अनिल भाना के नेतृत्व में पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी में बकायादारों के फ्लैट्स से सामान बाहर निकालकर उन्हें सील करने की कार्रवाई शुरू की गई। मौके पर पूर्व महापौर पारस सकलेचा हंगामा करने लगे। ऑटो से सामान बार-बार बाहर निकलने लगे। तबीयत खराब होने पर उन्हें एंबुलेंस अस्पताल भेजा गया।

यह वही ऑटो है जिसमें से सकलेचाA ने तीन बार सामान बाहर निकलवाया
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 208 लोगों को महिलाओं के नाम पर केवल ₹20,000 की मार्जिन मनी लेकर फ्लैट की चाबियां सौंपी गई थीं। आवंटियों को शेष ₹1,80,000 की राशि जमा करानी थी, लेकिन कई बार सूचना दिए जाने के बावजूद आज तक उन्होंने एक रुपया भी जमा नहीं कराया। कमिश्नर अनिल भाना ने स्पष्ट किया कि यह फ्लैट सरकार को प्रति यूनिट लगभग ₹7 लाख में पड़ा था, जिसके बाद भी बेहद कम अंशदान की राशि जमा नहीं की गई।
कार्रवाई की मुख्य बातें

पंखा खोलते हुए नगर निगम के सहायक
सुरक्षित तरीके से सामान बाहर निकाला: आवंटियों के टीवी, पंखे और बिजली के उपकरण सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के लिए निगम की टीम के साथ मैकेनिक भी मौजूद रहे।

मौके पर बकाया जमा करने पर राहत, उन्हें नहीं किया बेदखल

पूर्व में मार्जिन मनी जमा करवाने की रसीद
कार्रवाई के दौरान नगर निगम इंजीनियर राजेश पाटीदार एवं अन्य अधिकारियों ने निर्मला बालिया सहित करीब एक दर्जन हितग्राहियों से मौके पर ही बकाया राशि जमा करवाई, जिसके बाद उन्हें बेदखल नहीं किया गया।

जिन्होंने पैसे जमा कराए हुए कार्रवाई देखकर हंसते रहे

राशि जमा करते हुए नगर निगम के इंजीनियर पाटीदार सहित
राजनीतिक विरोध और हंगामा

ऑटो में भरा सामान निकालते हुए श्री सकलेचा
कार्रवाई के दौरान पूर्व महापौर पारस सकलेचा भी पहुंचे और उन्होंने इसे 'गरीबों पर तानाशाही' बताते हुए विरोध किया।

तबीयत खराब होने के बाद पानी पीते हुए
निजी वाहन (ऑटो) से सामान ले जा रहे अजय बोरासी का ऑटो तीन बार खाली करवाया, जिसके बाद परेशान होकर परिजन सामान लेकर चले गए। श्री सकलेचा की तबीयत खराब होने पर उन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

हाल ही में 31 जुलाई को जब निगम टीम 208 फ्लेट पर नोटिस चस्पा करने गई थी, तब रहवासियों ने हमला कर दिया था, जिसमें कुछ कर्मचारियों और पत्रकार को चोटें आई थीं। इसी आशंका के चलते बुधवार को एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, नगर निगम के राजेंद्र सिंह पवार, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और डीएसपी गायत्री सोनी की मौजूदगी में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
Hemant Bhatt