रतलाम कोर्ट का बड़ा फैसला: जमीन विवाद में बुजुर्ग की हत्या करने वाले तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास

रतलाम कोर्ट का बड़ा फैसला: जमीन विवाद में बुजुर्ग की हत्या करने वाले तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास

मामला जून 2023 का

⚫ प्रकरण में हुए 14 गवाहों के बयान दर्ज

हरमुद्दा
​रतलाम, 24 अगस्त। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता तिवारी की अदालत ने जमीन विवाद में वृद्ध की पत्थर मारकर हत्या करने के मामले में तीन सगे भाइयों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) और जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते अदालत ने घटना के महज 2 साल 8 महीने में मामले का निराकरण किया।

​सजा पाने वाले आरोपी: कांतिलाल, कैलाश और शांतिलाल (तीनों पिता बाबू उर्फ बाबूलाल भाभर, निवासी इमलीपाड़ा पलाश, थाना बिलपांक, जिला रतलाम)।

​प्रमुख साक्ष्य: प्रकरण में 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। फरियादी राजेश, रतन, गोविंद, भेरू और तेजाराम के बयानों तथा खून से सने पत्थरों की फॉरेंसिक रिपोर्ट ने आरोपियों का अपराध सिद्ध किया।

​जेल भेजा गया: कांतिलाल और कैलाश घटना के बाद से ही जेल में थे, जबकि जमानत पर बाहर शांतिलाल को अदालत में पेश कर फैसला सुनाते ही जेल भेज दिया गया।

​क्या था पूरा मामला?

​अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना ने बताया कि घटना 24 जून 2023 की थाना बिलपांक क्षेत्र की है। घर के पास स्थित उकेड़े (घूरे) पर पत्थर जमाने की बात को लेकर आरोपी पक्ष और पीड़ित परिवार (लीलाबाई) के बीच विवाद हुआ था।
​सुबह करीब 11 बजे जब विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई, तब आरोपी शांतिलाल अपनी पत्नी के साथ जाने लगा। मृतक मगन द्वारा रोकने पर उसने कहा, "तुम कुछ भी कर लो, यह जमीन हम लेकर रहेंगे।" इसी दौरान शांतिलाल के भाई कांतिलाल और कैलाश वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए पथराव शुरू कर दिया।
​कांतिलाल और कैलाश द्वारा सिर पर पत्थर मारे जाने से मगन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। बीच-बचाव करने आए मृतक के बेटे तेजाराम और पत्नी मयालीबाई भी इस हमले में घायल हुए थे।
​चिकित्सकीय जांच में भी यह स्पष्ट हुआ कि मगन की मृत्यु सिर में आई गंभीर चोटों के कारण हुई थी।

साक्ष्य और गवाह के आधार पर सुनाई सजा

कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।