प्रदूषण जल वितरण से रतलाम में इंदौर जैसी घटना की आशंका
⚫ वार्ड 34 में दूषित पेयजल की सप्लाई से जनस्वास्थ्य खतरे में
⚫ तीन महीने से पीने के पानी के नाम पर बांटा जा रहा है जहर
⚫ जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
हरमुद्दा
रतलाम, 24 अगस्त। शहर के टीआईटी रोड, भूत बंगला क्षेत्र, बैंक कॉलोनी और एचडीएफसी बैंक के पीछे की रोड सहित आसपास के इलाकों में पिछले तीन महीनों से पीने के पानी के नाम पर ज़हर बांटा जा रहा है। नगर निगम द्वारा की जा रही गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई से सैकड़ों परिवारों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। नालियों और सीवरेज के रिसाव से मिलकर आ रहे इस पानी में कीचड़ और कीड़े तक देखे जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में गंभीर बीमारियों का खौफ व्याप्त है।

समस्या के मुख्य बिंदु
समय की अनिश्चितता और कम जलप्रदाय: एक दिन छोड़कर 40 मिनट होने वाली सप्लाई का समय तय नहीं है। शुरुआत के 15 से 20 मिनट तक अत्यधिक दूषित और बदबूदार पानी आता है।
टंकी कनेक्शन वालों पर सीधा प्रहार: जिन घरों में सीधे ओवरहेड टैंक में पानी चढ़ता है, वहां शुरुआत का 20 मिनट का जहरीला पानी सीधे टंकियों में जमा हो रहा है, जिससे पूरा पानी दूषित हो जाता है।
मजबूरी के उपाय
नागरिक शुरुआती 20 मिनट का गंदा पानी शौचालय या कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल करने और बाद के साफ पानी को पीने के लिए सहेजने पर मजबूर हैं। कई घरों में वाटर प्यूरीफायर (RO) भी दम तोड़ चुके हैं।
अतिरिक्त आर्थिक बोझ: लोग निजी ट्यूबवेल या पानी की केन खरीदकर प्यास बुझाने को विवश हैं।
जिम्मेदारों का रवैया और नागरिकों की मांग
क्षेत्रीय पार्षद योगेश पापटवाल और महापौर प्रहलाद पटेल को समस्या की जानकारी है। पार्षद का कहना है कि पाइपलाइन में लीकेज के स्थानों को चिह्नित किया गया है, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होना चिंताजनक है।
इंदौर जैसी दर्दनाक त्रासदी का है इंतजार
स्थानीय निवासियों एडवोकेट नरेंद्र सिंह चौहान, सुशील मिश्रा, मांगीलाल जैन, विक्रम सिंह चौहान और दीपक शर्मा ने नगर निगम प्रशासन और आयुक्त से गुहार लगाई है कि इंदौर जैसी दर्दनाक जल त्रासदी का इंतजार किए बिना, पाइपलाइन के सीवरेज लीकेज को तुरंत ठीक कर क्षेत्रवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। यदि समय रहते इस समस्या का स्थाई हल नहीं निकाला गया, तो यह लापरवाही किसी बड़ी महामारी का रूप ले सकती है।
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दूषित पानी पीने के खतरे
दूषित पानी पीने से शरीर में बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी चले जाते हैं जिससे कई जानलेवा जल जनित बीमारियां हो सकती है। मुख्य रूप से डायरिया, पीलिया, टाइफाइड, पेचिश, हैजा, बुखार पेट में सूजन, आंतों में संक्रमण आदि होकर लिवर तथा शरीर के अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसके बचाव के लिए पानी को उबालकर और फिल्टर कर पीना चाहिए।
⚫ डॉ. के.जे. अग्रवाल, रतलाम
Hemant Bhatt