फैसला : पुजारी के घर का दरवाजा तोड़कर जानलेवा हमला करने वाले 5 आरोपियों को 7-7 साल की सजा

फैसला : पुजारी के घर का दरवाजा तोड़कर जानलेवा हमला करने वाले 5 आरोपियों को 7-7 साल की सजा

मामला जनवरी 2024 का

⚫ एक आरोपी है बड़वानी जेल में बंद

⚫ एक की हो गई दुर्घटना में मौत

⚫ एक आरोपी है नाबालिग

हरमुद्दा
​रतलाम, 22 अगस्त। रात्रि के समय घर में घुसकर मंदिर के पुजारी और उनके परिवार पर चाकू से जानलेवा हमला करने के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने मामले के पाँचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में एक आरोपी रेहान बड़वानी जेल में अन्य प्रकरण में बंद है। एक आरोपी की दुर्घटना में मौत हो गई तथा एक आरोपी नाबालिक होने के कारण बाल न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। 

पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ता व अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने ​घटना का मुख्य कारण बताया। 

कबीर साहब मंदिर परिसर के पीछे रहने वाले पुजारी की 18 वर्षीय पुत्री पर मुख्य आरोपी भय्यू उर्फ यश जबरन विवाह का दबाव बना रहा था। परिजनों ने पुत्री की सुरक्षा के लिए उसे ग्वालियर भेज दिया था। इसी रंजिश के चलते 30 जनवरी 2024 की मध्यरात्रि (लगभग 12:45 बजे) आरोपी भय्यू अपने साथियों के साथ पुजारी के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा और धारदार चाकू से प्राणघातक हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई पुजारी की पत्नी, पुत्र और माता पर भी आरोपियों ने चाकू से हमला कर मारपीट की।

​सजा पाने वाले आरोपी

⚫ ​भय्यू उर्फ यश देशमुख (25 वर्ष) – भण्डारी गली, थावरिया बाजार, रतलाम

⚫ ​ईशु उर्फ इस्सु उर्फ ऋषि (25 वर्ष) – सुदामा परिसर, उकाला रोड, रतलाम

⚫ ​पंकज उर्फ चिंकु (22 वर्ष) – बजरंग नगर, रतलाम

⚫ ​पंकज उर्फ उदय (25 वर्ष) – दिलीप नगर, रतलाम

⚫ ​मुख्य आरोपी रेहान उर्फ बाल (21 वर्ष) – जूनी कलालसेरी, रतलाम ( अन्य प्रकरण में बड़वानी जेल में बंद है)

(नोट: मामले में शामिल एक नाबालिग आरोपी का चालान बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।)

⚫ एक आरोपी हर्ष उर्फ कटोरा पिता सतोष पंवार जाति राजपुत उम्र 23 वर्ष निवासी श्रीमाली रतलाम की बदनावर में दुर्घटना में मृत्यु हो गई है

​न्यायालय का फैसला और पुलिस कार्रवाई

थाना स्टेशन रोड रतलाम में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और मुख्य आरोपी से घटना में प्रयुक्त चाकू जब्त किया।

फरियादी की पत्नी ने की सटीक पहचान

 फरियादी व उनकी पत्नी द्वारा न्यायालय में आरोपियों की सटीक पहचान की गई। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पाँचों को दोषी पाया तथा जुर्माने की राशि में से 15,000 रुपए पीड़ित पुजारी को देने के आदेश दिए। मुख्य आरोपी 1 फरवरी 2024 से ही जेल में बंद था, जबकि जमानत पर बाहर चल रहे, शेष आरोपियों को भी फैसला आते ही जेल भेज दिया गया।