राजस्व न्यायालयों की लचर कार्यप्रणाली से वकील परेशान, कलेक्टर ने बुलाई बैठक
कलेक्टर कटेसरिया ने माना कि मैदानी अनुभव के आधार पर दी गई यह प्रतिक्रिया राजस्व व्यवस्था को सुधारने के लिए जरूरी है। आम नागरिकों को समय पर न्याय दिलाना और राजस्व अदालतों को पारदर्शी बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
⚫ समस्याओं के त्वरित समाधान का दिया आश्वासन
हरमुद्दा
रतलाम, 22 अगस्त। जिले के राजस्व न्यायालयों में पसरी अव्यवस्था और लचर कार्यप्रणाली के कारण वकीलों और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मामला दर्ज होने से लेकर नकल मिलने तक हर स्तर पर हो रही देरी को लेकर कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने शनिवार को अधिवक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में वकीलों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर कलेक्टर ने पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया।

इन प्रमुख समस्याओं से जूझ रहे वकील और पक्षकार
⚫ मामले दर्ज करने में एक महीने की देरी: वकीलों ने बताया कि रीडर स्तर पर नए प्रकरण दर्ज करने में ही 20 से 30 दिन का समय बर्बाद हो रहा है।
⚫ समय पर आदेश नहीं और नकल में विलंब: सुनवाई पूरी होने के दो-तीन महीने बाद तक आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं। पोर्टल पर फाइल अपलोड न होने से नकल मिलने में इतनी देरी होती है कि अपील की निर्धारित अवधि ही निकल जाती है।
⚫ अनिश्चित समय और एक साथ सुनवाई: जावरा की चार टप्पा तहसीलों में पीठासीन अधिकारियों के बैठने का समय तय नहीं है। एक ही समय पर अलग-अलग कोर्ट लगने से वकीलों के सामने धर्मसंकट खड़ा हो जाता है।
⚫ कॉज लिस्ट और फाइलों की अनभिज्ञता: लंबे समय से वाद सूची (कॉज लिस्ट) जारी नहीं हो रही थी (हाल ही में एक सप्ताह से शुरू हुई है)। इसके अलावा, रीडर द्वारा सुनवाई के समय फाइलें तैयार न रखने से रोजाना समय बर्बाद होता है।
⚫ पोर्टल और लोक सेवा केंद्र के बहाने: लोक सेवा केंद्रों में पोर्टल बंद होने का बहाना बनाकर अपील दर्ज करने से मना किया जा रहा है। साथ ही, कई प्रकरणों को बिना ठोस आधार के नकारात्मक रूप से निपटाया जा रहा है।
⚫ साइटेशनों की उपेक्षा: अदालती आदेशों में वकीलों द्वारा प्रस्तुत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों (नज़ीर) का उल्लेख तक नहीं किया जाता।
कलेक्टर का रुख
अधिवक्ताओं के सुझावों और आपत्तियों को सुनने के बाद कलेक्टर कटेसरिया ने माना कि मैदानी अनुभव के आधार पर दी गई यह प्रतिक्रिया राजस्व व्यवस्था को सुधारने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को समय पर न्याय दिलाना और राजस्व अदालतों को पारदर्शी बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने वकीलों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर जल्द ही व्यवस्था में सुधार करने का ठोस भरोसा दिलाया।
Hemant Bhatt