रतलाम में करोड़ों की डकैती का एक और आरोपी गौरव गुर्जर अरेस्ट

रतलाम में करोड़ों की डकैती का एक और आरोपी गौरव गुर्जर अरेस्ट

80 लाख के सोने-चांदी के जेवरात बरामद

⚫ कुल 8 आरोपी अब तक सलाखों के पीछे

हरमुद्दा
​रतलाम, 22 अगस्त। थाना बिलपांक क्षेत्र में सराफा व्यापारी के साथ हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज डकैती के मामले में रतलाम पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले में लगातार फरार चल रहे शातिर आरोपी गौरव गुर्जर को पुलिस ने आज तड़के घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से पुलिस ने 80 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।


​चलती बस में दिया था वारदात को अंजाम

पुलिस कंट्रोल रूम पर हुई प्रेस वार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पन्द्रो ने बताया कि घटना 13 अगस्त 2026 की रात की है। रतलाम निवासी सराफा व्यापारी अर्पित चोरड़िया बड़नगर से अपना व्यापारिक काम निपटाकर बस से रतलाम लौट रहे थे। इसी दौरान हनुमान चौकी (उमरथाना फंटा) के पास बस में सवार बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और जेवरातों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। शिकायत पर बिलपांक पुलिस ने धारा 309(6) BNS के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर डकैती व आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं बढ़ाई गईं। प्रेस वार्ता में बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद।


​300 से अधिक CCTV खंगाले, 7 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल

वारदात के बाद पुलिस टीमों ने घटनास्थल से लेकर बड़नगर मार्ग तक 300 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले और साइबर सेल की मदद ली। पुलिस पूर्व में ही 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4.167 किग्रा सोना (238 नग) और 4.047 किग्रा चांदी (183 नग) बरामद कर चुकी है।

ताजा कार्रवाई और बरामदगी

मामले में फरार चल रहे आरोपी गौरव गुर्जर (पिता भागीरथ गुर्जर, निवासी हरसोला, इंदौर) की तलाश के लिए गठित विशेष टीम ने सटीक मुखबिर सूचना और तकनीकी लोकेशन के आधार पर आज सुबह उसे दबोच लिया।

जब्त सामान

आरोपी की निशानदेही पर उसके हिस्से में आए 502 ग्राम सोने के जेवरात और 1 किलो 270 ग्राम चांदी के जेवरात जब्त किए गए हैं, जिसकी अनुमानित कीमत ₹80 लाख है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मशरूका की बरामदगी में थाना प्रभारी बिलपांक निरीक्षक अय्यूब खान, प्रधान आरक्षक राहुल जाट, नरेन्द्र चावड़ा, निलेश पाठक, दिलीप रावत एवं आरक्षक संजय सोनी, रोशन राठौर व माखन सिंह की मुख्य भूमिका रही। आरोपी से गैंग के अन्य संपर्कों और अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है।