सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ी धांधली : कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा
⚫ शासकीय राशन दुकान के सेल्समैन ने किया 5.09 लाख का गबन
हरमुद्दा
रतलाम, 7 अक्टूबर। गरीबों के हिस्से के खाद्यान्न और राशन सामग्री की बिक्री से प्राप्त राशि में हेराफेरी करने वाले सेल्समैन को अदालत ने कड़ा सबक सिखाया है। शासकीय उचित मूल्य दुकान बिबड़ौद में पदस्थ सेल्समैन क्षितिज ठाकुर को 5.09 लाख रुपये से अधिक के गबन के मामले में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

क्या है पूरा मामला?
विपणन एवं प्रक्रिया सहकारिता संस्था मर्यादित, रतलाम के प्रबंधक रामगोपाल शर्मा द्वारा दीनदयाल नगर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, संस्था द्वारा क्षेत्र की 6 शासकीय उचित मूल्य दुकानों (हरथली, सागौद, पलसोड़ी, रामपुरिया, राजपुरा और बिबड़ौद) का संचालन किया जाता है। जांच के दौरान बिबड़ौद दुकान के रिकॉर्ड खंगालने पर सेल्समैन क्षितिज ठाकुर (पिता नंदकिशोर, उम्र 46 वर्ष, निवासी समता परिसर, रतलाम) द्वारा राशन बिक्री की राशि संस्था में जमा न कराने का बड़ा खुलासा हुआ।
लाखों की हेराफेरी और किश्तों में लीपापोती का प्रयास
जांच में सामने आया कि वर्ष 2018-19 में सेल्समैन पर 2,83,716.12 रुपये तथा अन्य अवधि में 5,56,543.65 रुपये, यानी कुल 9,43,335.77 रुपये संस्था में जमा कराना शेष थे। कार्रवाई से बचने के लिए अभियुक्त ने सितंबर 2019 में अलग-अलग तारीखों में कुल 4,33,720 रुपये जमा तो कराए, लेकिन इसके बावजूद 5,09,615.77 रुपये का बकाया बना रहा। बार-बार नोटिस जारी होने के बाद भी जब राशि जमा नहीं की गई, तो मामला पुलिस तक पहुँचा।
हाईकोर्ट के आदेश पर जमा करनी पड़ी राशि
दीनदयाल नगर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त ने हाईकोर्ट से इस शर्त पर जमानत पाई थी कि वह पूरी बकाया राशि जमा करेगा, जिसके परिपालन में उसने 5.09 लाख रुपये जमा किए।
अदालत का कड़ा संदेश
मामले में शासकीय अधिवक्ता एवं अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार द्वारा प्रस्तुत पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शासकीय दायित्वों में अमानत में खयानत और वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Hemant Bhatt