दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि पर एकत्र हुआ 55 यूनिट रक्त

दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि पर एकत्र हुआ 55 यूनिट रक्त

रतलाम में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित

⚫ ​अतिथियों ने सराहा मानव सेवा का संकल्प

हरमुद्दा
​रतलाम, 23 अगस्त। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के डोंगरे नगर सेवाकेंद्र पर पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यतिथि एवं 'विश्व बंधुत्व दिवस' के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 55 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों की जीवन रक्षा और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।


​अतिथियों ने सराहा मानव सेवा का संकल्प

⚫ ​बृजेश मकवाना (उप अधीक्षक, सर्किल जिला जेल): "रक्तदान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक है। स्वस्थ नागरिकों को नियमित रूप से आगे आकर रक्तदान करना चाहिए।"

⚫ ​गोविंद काकानी (उपाध्यक्ष, RDA एवं समाजसेवी): "रक्तदान से बड़ा कोई जीवनदान नहीं है। दादी जी की स्मृति में यह आयोजन उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है, क्योंकि उनका जीवन प्रेम और करुणा को समर्पित था।"

⚫ ​बीके सविता दीदी (सेवाकेंद्र प्रभारी): "दादी प्रकाशमणि जी विश्व बंधुत्व की प्रतिमूर्ति थीं। अध्यात्म हमें दूसरों की सेवा सिखाता है और रक्तदान के जरिए किसी का जीवन बचाना ही सच्ची मानव सेवा है।"

⚫ ​पूजा योगी (उपाध्यक्ष, नामली नगर परिषद): "रक्तदान प्रत्येक जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। संस्था द्वारा किए जा रहे यह सेवा कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।"

⚫ ​ममता सोलंकी (उपाध्यक्ष, मुखर्जी महिला मंडल): "रक्तदान में कोई भेदभाव नहीं होता। हमारा एक छोटा सा कदम किसी भी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है।"

​कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने दादी प्रकाशमणि जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। शिविर के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि "रक्तदान केवल रक्त का दान नहीं, बल्कि किसी के जीवन को बचाने का महान संकल्प है।"