सामाजिक सरोकार : संस्कृति, संस्कार और सम्मान
⚫ भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का हुआ उत्कृष्टता समारोह
⚫ 52 विद्यालयों से 2192 विद्यार्थियों ने की परीक्षा में सहभागिता
⚫ उत्कृष्ट सेवा सम्मान पुरस्कार से अलंकृत किया सहयोगी शिक्षकों को
हरमुद्दा
रतलाम, 22 जुलाई। नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं, उच्च जीवन मूल्यों और संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से रविवार को गायत्री शक्तिपीठ पर ‘भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2025’ का उत्कृष्ट सेवा सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह अत्यंत उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

गायत्री परिवार के विवेक चौधरी ने हरमुद्दा को बताया कि दीप प्रज्वलन एवं देव पूजन: कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा माँ गायत्री, पूज्य गुरुदेव एवं वंदनीया माताजी के चित्रों पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और देव पूजन के साथ हुआ।
संस्कृति ही चरित्र निर्माण का आधार
शासकीय महाविद्यालय सैलाना के प्राचार्य एवं मुख्य अतिथि आर. सी. पाटीदार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा:
"भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा बच्चों के मन-मस्तिष्क में श्रेष्ठता का भाव जगाती है। विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली संस्कृति का परिचय कराने और जीवन का सही लक्ष्य तय करने का यह एक अद्भुत माध्यम है।"
संस्कार यात्रा का व्यापक विस्तार
गायत्री परिवार के श्रवण कुमार भावसार ने बताया कि जिले की 5 तहसीलों—सैलाना, बाजना, रावटी, जावरा एवं रतलाम के 52 विद्यालयों से कुल 2192 विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में सहभागिता की।
मेधावी विद्यार्थियों एवं समर्पित शिक्षकों का सम्मान
परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार, स्मृति-चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नगद राशि से पुरुस्कृत किया गया। जिसमें जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 700/-, 500/-, 400/-, रुपए की नकद राशि सहित "प्रमाण-पत्र, स्मृति-चिह्न" प्रदान किया गया। वहीं तहसील स्तर पर अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 350/-, 250/-, 150/- की नकद राशि एवं प्रमाण-पत्र, स्मृति चिह्न से सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट सेवा सम्मान से किया अलंकृत
विद्यार्थियों के साथ-साथ, परीक्षा के सफल आयोजन में अमूल्य योगदान देने वाले समर्पित शिक्षकों को 'उत्कृष्ट सेवा सम्मान पुरस्कार' (स्मृति-चिह्न व प्रमाण-पत्र) से अलंकृत किया गया।
समाज और शिक्षा जगत का मिला अटूट सहयोग
सारस्वत अतिथि एवं राजापुरा माताजी स्कूल के प्राचार्य राजेन्द्र पुष्पद ने आगामी परीक्षाओं में अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ने और प्रेरित करने का विश्वास दिलाया। वहीं, गायत्री परिवार नगर ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी पातीराम शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संगठन की विभिन्न लोक-कल्याणकारी गतिविधियों पर प्रकाश डाला। स्वागत उद्बोधन जिला समन्वयक दामोदर शर्मा द्वारा दिया गया, जबकि पूरी जानकारी युवा प्रकोष्ठ के विवेक चौधरी ने साझा की।
यह थे मौजूद
समारोह में लाला शंकर पाटीदार, प्रदीप गुप्ता, डॉ. डी. सी. राठौर, गोपाल सिंह तोमर, हुकुमचंद भारद्वाज, गोपाल चौहान सहित कई गणमान्य नागरिक, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।संचालन कर आभार जिला सहसमन्वयक डॉ. आई. पी. त्रिवेदी ने माना।
Hemant Bhatt