मौत के बाद आक्रोश : पुलिस लिखे वाहन से दुर्घटना में मुकेश की मौत के बाद नामली में हाईवे पर शव रखाकर शव धरना प्रदर्शन
⚫ आश्वासन के बाद धरना समाप्त, दुकाने रखी बंद
⚫ मांगे नहीं मानी तो 12 दिन बाद फिर आंदोलन
⚫ भारी पुलिस बल तैनात
हरमुद्दा
रतलाम, 02मई। पुलिस लिखे वाहन से दुर्घटना में घायल मुकेश कुमावत की इंदौर में उपचार के दौरान मौत के बाद शनिवार को नामली पूरी तरह बंद रहा। परिजनों और सर्वसमाज के लोगों ने न्याय व मुआवजे की मांग को लेकर महू-नीमच फोरलेन पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। मांगे नहीं मानी गई तो 12 दिन बाद आंदोलन होगा।

मृतक मुकेश कुमावत
उल्लेखनीय की रतलाम जिले के नामली में गुरुवार को पुलिस लिखे वाहन से दुर्घटना में मुकेश घायल हुआ था जिसका इंदौर में उपचार चल रहा था, शुक्रवार को मौत खबर आई जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।
विरोध में प्रतिष्ठा रखें बंद
शनिवार सुबह से ही नामली के व्यापारियों ने मुकेश की मौत के विरोध में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जैसे ही मृतक की शवयात्रा घर से निकली, वह सीधे फोरलेन हाईवे पर जा पहुंची। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने हाईवे पर ही अंतिम संस्कार करने की चेतावनी देते हुए धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी पुलिस फोर्स घटना स्थल मौजूद रहा।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा रहा समाज
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखीं। मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। फोरलेन पर दुर्घटना वाले स्थान की कमियों को पूरा किया जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी सहायता या नौकरी का प्रावधान दिया जाए
प्रशासनिक सूझबूझ से थमा प्रदर्शन
मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे आला अधिकारियों ने परिजनों से कई दौर की चर्चा की। अधिकारियों द्वारा मांगों पर सकारात्मक विचार करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
मांगे नहीं मानी तो 12 दिन बाद फिर आंदोलन
समाज जनों ने स्पष्ट किया है कि यदि 12 दिनों के भीतर उनकी तीनों मांगें पूरी नहीं की गईं, तो एक बार फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 12 दिनों बाद मृतक का 13वीं का कार्यक्रम फोरलेन पर किया जाएगा।
3 घंटे तक चला धरना प्रदर्शन
शनिवार सुबह करीब तीन घंटे से ज्यादा समय तक धरना और प्रदर्शन चलने के बाद प्रशासन की सहमति और आश्वासन के बाद शवयात्रा श्मशान घाट के लिए रवाना हुई, जिसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका। पुलिस प्रशासन अब भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Hemant Bhatt