मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करना लोकतंत्र पर हमला 

भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रख रही है। यह तानाशाही की पराकाष्ठा है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करना लोकतंत्र पर हमला 

जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव हर्षविजय गेहलोत ने कहा

हरमुद्दा
रतलाम/सैलाना, 11 जून। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव हर्षविजय गेहलोत ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन पत्र निरस्त किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे सुनियोजित और अलोकतांत्रिक कदम बताया है।


श्री गेहलोत ने कहा कि भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रख रही है। यह तानाशाही की पराकाष्ठा है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है, जिसका कांग्रेस पूरी ताकत से विरोध करेगी।

घिनौना कदम सरकार का

उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार विधायकों की खरीद-फरोख्त में सफल नहीं हुई तो इस प्रकार का घिनौना कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह अलोकतांत्रिक कृत्य लंबे समय तक याद रखा जाएगा। देश और प्रदेश की जनता सब देख रही है तथा समय आने पर लोकतांत्रिक ताकतें इसका जवाब देंगी।
गेहलोत ने कहा कि वर्तमान माहौल में असहमति को विरोध मान लिया जाता है और उसे दबाने के लिए सत्ता किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखाई देती है। लोकतंत्र में सभी का हर बात पर सहमत होना संभव नहीं है और असहमति लोकतंत्र की मूल भावना है।

न्याय मिलने का विश्वास जताया

श्री गेहलोत ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण के मामले को चुनाव आयोग तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय में भी ले जाया जाएगा। कांग्रेस सभी कानूनी और लोकतांत्रिक विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, “हम चुप नहीं बैठ सकते। लोकतंत्र से छेड़छाड़ करने वाली सत्ता हमें स्वीकार नहीं है। न हम ऐसा करेंगे और न किसी को करने देंगे। इस प्रकार के कृत्य का राजनीतिक खामियाजा भाजपा को समय आने पर भुगतना पड़ेगा।”