फैसला : गंभीर चोट पहुंचाने वाले आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा

फैसला : गंभीर चोट पहुंचाने वाले आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा

हरमुद्दा
रतलाम, 6 जनवरी। धारदार हथियार से गंभीर चोट पहुंचाने पर अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने आरोपियों को 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दण्डित किया गया। 

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया कि फरियादी धनराज उर्फ धन्नालाल ने 4 मार्च 2020 को सिविल हास्पिटल रतलाम में पुलिस थाना माणक चौक के उप निरीक्षक आर.एस. मेहड़ा को बताया कि वह रविदास चौराहा (चमारिया नाका) रतलाम रहता है एवं टेलर का काम करता है। 

दोपहर में था वह घर पर

दोपहर  01:30 बजे लगभग वह उसके घर पर था, तभी उसका पडौसी पंकज उर्फ गोलू पिता ईश्वरदास उसे बोलने लगा कि, वह बहुत दादा पहलवान है, अपशब्द कहने लगा। उसकी जगह में टेलर की गुमटी क्यों लगा रखी है, तभी फरियादी बोला कि, उसे गालियां क्यों दे रहा है। जगह किसी की भी नहीं है। सभी भाईयों की शामिल है। इतने में भगवानदास आया और बोला कि, उसकी दादागीरी उतार देता हूं। पंकज उर्फ गोलू एवं भगवानदास दोनों उसके घर के अंदर घुस आए और उसे 1लात-घूसों से मारपीट करने लगे। भगवानदास ने उसे चाकू से पीठ एवं सीधे हाथ के कंधे पर मारा, जिससे खून निकल आया, तभी फरियादी के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसका भाई दिनेश बीच बचाव करने आया तो पंकज उर्फ गोलू एवं भगवानदास दोनों ने उसके भाई दिनेश को चाकू से बांये पैर की जांघ एवं कमर में मारा, जिससे खून निकल आया। चिल्लाचोंट की आवाज सुनकर मांगीलाल पिता गणपत, जितेन्द्र पिता मांगीलाल परमार, नरेश भावल ने उनका बीच बचाव किया एवं घटना देखी थी।

जान से खत्म करने की दी खत्म

 पंकज उर्फ गोलू एवं भगवानदास दोनों जाते-जाते बोले कि, उसकी जगह से गुमटी हटा लेना नहीं तो जान से खत्म कर देंगें। फरियादी की उक्त सूचना पर अपराध क. 84/2020 अंतर्गत धारा 452, 324, 323, 294, 506, 34 भा. द.सं. के तहत पंजीबद्ध किया। विवेचना के दौरान साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किए गए। अभियुक्त भगवान को गिरफ्‌तार किया। उससे घटना में प्रयुक्त स्टील का चाकू जब्त किया गया। चिकित्सक द्वारा फरियादी को आई चोटें प्राणघातक होना बताई। धारा 307 भा.द.सं. का इजाफा किया गया। अन्य अभियुक्त पंकज उर्फ गोलू फरार होने से उसके विरूद्ध धारा 173 (8) द.प्र.सं. के अंतर्गत अन्वेषण जारी रखते हुए अभियुक्त भगवान भारती के विरूद्ध अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। आरोपी पंकज उर्फ गोलू को 13 अगस्त 2020 को गिरफ्तार कर अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त चाकू घटना स्थल के पास नाले में फेंकना बताया। संपूर्ण अनुसंधान उपरांत अभियुक्त पंकज उर्फ गोलू के विरुद्ध अंतिम प्रतिवेदन संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रतलाम के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 

दूसरे पक्ष में भी कार्रवाई रिपोर्ट दर्ज

इस प्रकार दूसरे पक्ष के फरियादी पंकज ने 04 मार्च 2020 को पुलिस थाना माणकचौक, रतलाम पर इस आशय की रिपोर्ट कि करमदी रोड रतलाम रहता है तथा लगभग तीन साल से उसकी माता की सरकारी अस्पताल में नौकरी होने के कारण जावरा में रह रहे हैं। 04 मार्च 2020 को सुबह 10:00 बजे उसके बड़े पापा प्रेमदास हेडसाहब ने फोन करके उनके घर का ताला टूटा होने का बताने पर फरियादी तथा उसके जीजा भगवानदास भारती दोनों उनके घर करमदी रोड गए तो देखा कि, ताला टूटा हुआ नहीं था, कुंडी खुली हुई होकर दरवाजा खुला था। फरियादी ने उसके अंकल धन्ना और दिनेश से पूछा कि, दरवाजा कैसे खुला और किसने खोला तो उसके दोनो अंकल धन्ना और दिनेश ने अपशब्द कहते हुए हाथापाई शुरू कर दी। धन्ना ने उसे पकड़ लिया और दिनेश ने टामी से उसके सिर पर मार दी, जिससे उसे बाईं आंख के उपर चोट लगी और खून निकलने लगा। उसके जीजा भगवानदास बचाने गए तो दोनों ने मिलकर उसके जीजा भगवानदास को भी टामी से पीठ पर मार दी, जिससे उनको भी पीठ पर लगी।

न्यायाधीश ने सुनाई सजा

दोनों प्रकरणों में अभियोग पत्र न्यायालय मे प्रस्तुत किया गया था। दोनों प्रकरणों का विचारण अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय मे किया गया। 
दोनों पक्षो द्वारा अपनी साक्ष्य न्यायालय मे प्रस्तुत की गई। अपने -अपने तर्क न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।  न्यायालय द्वारा दोनों पक्षो के तर्क श्रवण करने के पश्चात एक पक्ष के भगवान पिता मदनलाल तथा पंकज पिता ईश्वर को धारा 326/34 ipc में 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं धारा 323 ipc में 3 माह के सश्रम कारावास  तथा 4000-4000 रुपए के जुर्माने से दण्डित किया गया। इसी प्रकार दूसरे पक्ष के आरोपी धनराज उर्फ़ धन्नालाल  तथा दिनेश को 323 ipc में न्यायालय उठने तक की सजा एवं 2000-2000₹ के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के द्वारा की गई।