डोसीगांव पीएम आवास मामला: 6 नोटिस के बाद नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, महापौर बोले - राज्य शासन के निर्देश पर हुई कार्रवाई
⚫ 'राशि जमा करें तो वापस मिलेंगे फ्लैट'
⚫ इनके कारण अगली पीएम आवास योजना के लिए निगम हो सकता है डिफाल्टर घोषित
हरमुद्दा
रतलाम, 6 अगस्त। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत डोसीगांव में निर्मित 208 ईडब्ल्यूएस (EWS) फ्लैट्स पर नगर निगम द्वारा की गई बेदखली कार्रवाई के बाद महापौर प्रहलाद पटेल का नगर निगम सभागृह में हुई प्रेस वार्ता में आधिकारिक बयान सामने आया है। महापौर ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन के निर्देशों पर कलेक्टर और आयुक्त द्वारा यह कार्रवाई की गई है। पूर्व विधायक द्वारा शासकीय कार्य में बाधा पर कमिश्नर चाहे तो एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं।

प्रेस वार्ता में महापौर के साथ मौजूद एमआईसी मेंबर
पत्रकारों को महापौर ने बताया कि नगर निगम ने आवंटन निरस्त नहीं किया है। यदि प्रभावित हितग्राही समय रहते अपनी बकाया राशि जमा कर देते हैं, तो उन्हें फ्लैट्स वापस आवंटित कर दिए जाएंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान महापौर के साथ एमआईसी मेंबर विशाल शर्मा, अक्षय संघवी, भगत भदोरिया, सपना त्रिपाठी सहित अन्य मौजूद थे।
10 करोड़ रुपए के वित्तीय घाटे में नगर निगम, संपत्ति को भारी नुकसान
महापौर के अनुसार, इन आवासों के कारण नगर निगम वर्तमान में लगभग 10 करोड़ रुपए का भारी नुकसान झेल रहा है। अकेले बिजली और पानी की सुविधाओं पर अब तक 7 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है, जिसका अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था। इतना ही नहीं वहां पर गंदगी भी की जा रही थी। इसके अलावा, क्षेत्र में निर्मित 240 एलआईजी (LIG) फ्लैट्स के लिए बैंक नए खरीदारों को लोन जारी नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह यही है कि इन्होंने बैंक से लोन ले लिया मगर राशि जमा नहीं करवाई। महापौर का कहना है कि मुखर्जी नगर प्लेट किराए से दिए हैं इसी तरह डोसीगांव के एलआईजी को भी किराए से देने की योजना संभावित है।
फ्लैट में तोड़फोड़ और चोरी, हुई एफआईआर दर्ज

इतना ही नहीं एलआईजी फ्लैट के ब्लॉक परिसरों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और चोरी की घटनाएं भी सामने आई हैं। असामाजिक तत्वों द्वारा लिफ्ट, बिजली के तार, फायर हाइड्रेंट, सेनेटरी उत्पाद, कांच फोड़ दिए और दरवाजे तक चुरा लिए गए। इस संबंध में 11 जून 2026 को पुलिस ने कुछ आरोपियों को पकड़कर प्राथमिकी (FIR क्रमांक 0545) दर्ज की।
तो निगम हो सकता है डिफाल्टर घोषित
महापौर ने यह भी बताया कि यदि इन डिफाल्टरों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई होती तो आगामी पीएम आवास योजना में नगर निगम स्वयं डिफाल्टर घोषित हो सकता है। अन्य लोगों के लिए अगली योजना लटक सकती है।
7.85 लाख रुपये का गणित: 6 बार दिए गए नोटिस
डोसीगांव में प्रत्येक आवास की कुल निर्माण लागत ₹7,85,000 आई है, जिसकी वित्तीय संरचना निम्नानुसार थी।
⚫ केंद्र सरकार का अंशदान: ₹1,50,000
⚫ राज्य सरकार का अंशदान: ₹1,50,000
⚫ नगर निगम का अंशदान: ₹2,85,000
⚫ हितग्राही का अंशदान: ₹2,00,000
योजना की शुरुआत में हितग्राहियों के हिस्से की ₹20,000 की मार्जिन मनी विधायक निधि व अन्य मदों से जमा कराई गई थी। इसके बाद शेष राशि जमा करने के लिए नगर निगम द्वारा 5-6 वर्षों में कुल 6 बार नोटिस जारी किए गए।
⚫ पहला नोटिस: 4 नवंबर 2021
⚫ दूसरा नोटिस: 10 मार्च 2022
⚫ तीसरा नोटिस: 30 दिसंबर 2023
⚫ चौथा नोटिस: 3 अक्टूबर 2024
⚫ पांचवां नोटिस: 6 अगस्त 2025
⚫ अंतिम नोटिस: 29 जुलाई 2026
बार-बार अवसर देने के बावजूद कई हितग्राहियों ने एक भी रुपया जमा नहीं कराया। पहले जब भी यह आते रहे तो इनका नोटिस कचरे की टोकरी में फिकवाता रहा, और उन्हें बचाया। मगर इस बार राज्य शासन के आदेश थे। फिलहाल मानवीय आधार पर प्रभावित परिवारों को 2-4 दिनों के लिए अंबेडकर भवन और पांजरा पोल, सिविक सेंटर सहित अन्य स्थानों पर अस्थायी रूप से ठहराया गया है।
केवल शून्य भुगतान वालों पर कार्रवाई, 27 लोगों ने तुरंत कराई रजिस्ट्री
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल उन लोगों पर की गई है जिन्होंने शुरुआती मार्जिन मनी के अलावा अब तक ₹1 भी जमा नहीं कराया था। कार्रवाई के दौरान ही सजगता दिखाते हुए 27 लोगों ने तुरंत बकाया राशि जमा कर अपनी रजिस्ट्री करवा ली।
उन पर नहीं की कोई कार्रवाई
वहीं, जिन 166 लोगों को नगर निगम की अनुशंसा पर बैंक से ऋण (Loan) दिलाया गया था और वे बैंक के डिफाल्टर बन चुके हैं, उन पर नगर निगम ने फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है।
₹100 भी रोज बचाते और जमा करते तो हो जाता फ्लैट उनका
महापौर ने कहा कि यदि हितग्राही प्रतिदिन ₹100 की भी बचत करते तो 5-6 वर्षों में आसानी से पूरा भुगतान हो जाता, लेकिन संगठित होकर नियमों का उल्लंघन करने की मंशा के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।
Hemant Bhatt