तर्क, अनुशासन और वैज्ञानिक सोच को विकसित करने का सशक्त माध्यम है गणित

तर्क, अनुशासन और वैज्ञानिक सोच को विकसित करने का सशक्त माध्यम है गणित

शिक्षक रितेश पवार ने विद्यार्थियों से कहा

⚫ शासकीय हाई स्कूल दंतोडिया में मनाया राष्ट्रीय गणित दिवस

हरमुद्दा
रतलाम, 22 दिसंबर। शासकीय हाई स्कूल दंतोडिया में सोमवार को राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षक कालुसिंह चौहान द्वारा माँ सरस्वती की वंदना से किया गया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ गणित शिक्षक ऋतेश पंवार ने कहा कि प्रतिवर्ष 22 दिसंबर का दिन हमें गणित के महत्व और उसकी उपयोगिता की याद दिलाता है। गणित केवल अंकों और सूत्रों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह तर्क, अनुशासन और वैज्ञानिक सोच को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। हमारे जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ गणित की आवश्यकता न पड़ती हो।

समाधान खोजने की प्रेरणा देता है गणित

उन्होंने आगे कहा कि अंकगणित, बीजगणित और रेखागणित जैसी शाखाएँ हमें यह सिखाती हैं कि जीवन में भी गणित की तरह जोड़, घटाव, गुणा और भाग होते रहते हैं। कभी सफलता जुड़ती है, कभी कठिनाइयाँ घटती हैं, कभी परिश्रम से प्रगति होती है और कभी असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ना पड़ता है। गणित हमें समस्याओं से घबराने के बजाय समाधान खोजने की प्रेरणा देता है।

भारतीय ज्ञान परंपरा गणित के क्षेत्र में समृद्ध

अपने उद्बोधन में उन्होंने भारतीय गणितज्ञों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आर्यभट्ट ने शून्य और दशमलव पद्धति का विकास किया, भास्कराचार्य ने गणित को सरल और रोचक बनाया तथा श्रीनिवास रामानुजन ने अपनी विलक्षण प्रतिभा से गणित को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। इन महान गणितज्ञों ने सिद्ध किया कि भारतीय ज्ञान परंपरा गणित के क्षेत्र में अत्यंत समृद्ध रही है।

गणित से डरने की बजाय करें मित्रता

उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में विज्ञान, तकनीक, कंप्यूटर, अंतरिक्ष अनुसंधान और अर्थव्यवस्था-सभी का आधार गणित है। इसलिए प्रत्येक छात्र के लिए गणित का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। गणित हमें धैर्य, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। अंत में उन्होंने छात्रों से गणित से डरने के बजाय उससे मित्रता करने का आह्वान किया।

दैनिक जीवन में गणित का अत्यधिक महत्व

इस अवसर पर शिक्षक ईश्वरलाल मालवीय ने भी गणित को दैनिक जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए अपने विचार व्यक्त किए।

विद्यार्थियों ने दौड़ते हुए हल किया गणित का प्रश्न

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों के लिए आयोजित गणित दौड़ प्रतियोगिता रही, जिसमें छात्रों को प्रश्न हल करते हुए दौड़ना था। जो छात्र सबसे पहले सही उत्तर के साथ पहुँचा, उसे विजेता घोषित किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य खेल-खेल में गणितीय सोच और रुचि को विकसित करना था।

यह थे मौजूद

कार्यक्रम में शिक्षक ईश्वरलाल मालवीय, सीमा खरे, गोपाल शर्मा, कालुसिंह चौहान, कोमल परमार, बद्रीलाल परमार, राजेश मालीवाड़, गोपाल भाभर सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। आभार बद्रीलाल परमार ने माना।