जल संकट: रतलाम जिले में धौलावड़ डेम से सिंचाई पर पूर्ण प्रतिबंध, पेयजल के लिए सुरक्षित रहेगा पानी
⚫ पानी चोरी पर सख्त पहरा, उपकरण होंगे जब्त
⚫ धौलावड़ डेम वर्तमान में लगभग 45 प्रतिशत ही भरा
हरमुद्दा
रतलाम, 21 सितंबर। जिले में बारिश का दौर थमने के साथ ही जल संकट की आहट को देखते हुए जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। धौलावड़ डेम में कम जल भराव को देखते हुए कलेक्टर अजय कटेसरिया ने डेम से सिंचाई के लिए पानी देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। डेम का उपलब्ध जल अब केवल शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

सोमवार को आयोजित साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक में जल संरक्षण और पेयजल प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान में धौलावड़ डेम मात्र 45 प्रतिशत ही भरा है। बारिश की कमी के कारण इस वर्ष आगामी रबी सीजन में गेहूं की फसल के लिए डेम से जल उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा।
किसानों को कम पानी वाली फसलों की समझाइश
कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे डेम के कमान क्षेत्र और आसपास के किसानों के बीच जाकर उन्हें जागरूक करें। किसानों को गेहूं के बजाय चना अथवा अन्य ऐसी फसलें बोने की सलाह दी जाए जिनमें पानी की खपत बेहद कम होती है, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
पानी चोरी पर सख्त पहरा, उपकरण होंगे जब्त
जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अवैध उठान पर कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
डेम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि कोई भी व्यक्ति पानी चोरी या जबरदस्ती पाइप न डाल सके। यदि डेम क्षेत्र में कोई पंप, मोटर या सिंचाई उपकरण पाया जाता है, तो उसे तत्काल जब्त किया जाएगा। अवैध रूप से पानी खींचने वालों के विरुद्ध तत्काल मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सतत निगरानी के निर्देश
इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को डेम क्षेत्र की सतत निगरानी करने और अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह थे मौजूद
बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत, नगर निगम आयुक्त अनिल भाना सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
Hemant Bhatt