लापरवाही बनी काल: 5 साल का मासूम घर के बाहर बने पानी के हौद में डूबा, मौत
यदि पानी के हौद पर सही समय पर ढक्कन या मजबूत जाली लगी होती, तो आज 5 साल का अर्जुन अपने परिवार के बीच सुरक्षित होता। यह दुखद हादसा हर उस परिवार के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो बच्चों के खेल कूद की जगह पर सुरक्षा को हल्के में लेते हैं।
⚫ स्थान: नेपाल गाँव (इसर थुनी के पास)
⚫ घटना का समय: रविवार शाम
⚫ मृतक मासूम: अर्जुन डाबी (उम्र 5 वर्ष), पिता - बहादुर डाबी
हरमुद्दा
रतलाम (नेपाल गाँव), 21 सितंबर। घर के बड़ों की एक अनदेखी और खुली छोड़ी गई लापरवाही ने एक हंसते-खेलते मासूम की जिंदगी छीन ली। इसर थुनी क्षेत्र के नेपाल गाँव में रविवार शाम को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहाँ 5 वर्षीय मासूम अर्जुन की घर के बाहर बने पानी के खुले हौद में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
रविवार शाम अर्जुन अपने 7 वर्षीय बड़े भाई नीतिक के साथ घर के बाहर खेल रहा था। परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कामों में व्यस्त थे—पिता बहादुर डाबी और दादा काम पर गए हुए थे, मां श्यामा देवी खेत में घास काटने गई थीं, और दादी अमरी देवी बकरियां चराने गई थीं।
घर पर नहीं था कोई बड़ा मौजूद
घर पर बच्चों की देखरेख करने वाला कोई बड़ा मौजूद नहीं था। इसी दौरान खेलते-खेलते अर्जुन अचानक पानी से भरे खुले हौद में गिर गया। साथ में खेल रहा सात साल का मासूम भाई इस खतरे को समझ नहीं पाया और न ही समय रहते किसी को बुला सका।
मां ने देखा अचेत शव, मेडिकल कॉलेज में घोषित किया मृत
शाम को जब मां श्यामा देवी खेत से वापस लौटीं, तो उन्होंने अर्जुन को पानी के हौद में अचेत पड़ा देखा। मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा हुए और आनन-फानन में मासूम को नजदीकी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी; डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद अर्जुन को मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुद्दे की बात

बड़ों की लापरवाही और मासूमों की जान
यह घटना कोई पहला मामला नहीं है, जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी मासूम के लिए काल बनी हो।
सुरक्षा के प्रति बेपरवाही: ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में पानी की टंकी, कुएँ और हौद को खुला छोड़ देना आम बात बनती जा रही है।
बच्चों को अकेला छोड़ना: छोटे बच्चों को बिना किसी बड़े की निगरानी के खुले खतरों (जैसे गहरे हौद या गड्डों) के पास खेलने देना जानलेवा साबित हो रहा है।
तो आज अर्जुन होता सुरक्षित
यदि पानी के हौद पर सही समय पर ढक्कन या मजबूत जाली लगी होती, तो आज 5 साल का अर्जुन अपने परिवार के बीच सुरक्षित होता। यह दुखद हादसा हर उस परिवार के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो बच्चों के खेल कूद की जगह पर सुरक्षा को हल्के में लेते हैं।
Hemant Bhatt