मुद्दे की बात : एमपी बोर्ड द्वारा 12वीं रसायन शास्त्र के छात्रों के भविष्य के साथ आपराधिक खिलवाड़
⚫ प्रश्न पत्र बनाने में नियमों का नहीं पालन
⚫ शिक्षा मंत्री स्वयं ले इस मामले में संज्ञान
⚫ विद्यार्थियों में रोष
हरमुद्दा
रतलाम, 18 फरवरी। माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा हायर सेकेंडरी की परीक्षा ली जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को रसायन शास्त्र का प्रश्न पत्र हुआ। प्रश्न पत्र देखकर जहां विद्यार्थियों में रोष उत्पन्न हुआ, वही पढ़ाने वाले शिक्षक भी आश्चर्यचकित रह गए। मुद्दे की बात यह है कि प्रश्न पत्र बनाने में नियमों का पालन नहीं किया गया। विद्यार्थियों के साथ आपराधिक खिलवाड़ किया गया। विद्यार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री को इस मामले में स्वयं संज्ञान लेना चाहिए।

तीन दशकों से रसायन शास्त्र पढ़ाने वाले विशेषज्ञों ने हरमुद्दा से चर्चा में बताया कि मध्य प्रदेश शिक्षा मंडल भोपाल ने छात्रों की परीक्षा प्रश्न पत्र के पैटर्न के संबंध में निर्देश देने के अंतर्गत मॉडल पेपर प्रसारित किए थे, ताकि तदनुसार वे परीक्षा की तैयारी कर सके, किंतु स्वयं अपने द्वारा दिए गए निर्देशों का उल्लंघन करते हुए 18 फरवरी का कक्षा 12वीं का रसायन का प्रश्न पत्र प्रदेश भर में विद्यार्थियों को दिया गया, वह किसी भी रूप में एक संतुलित प्रश्न पत्र नहीं कहा जा सकता है।
बोर्ड के जिम्मेदारों ने किया आपराधिक खिलवाड़
विषय विशेषज्ञ और विद्यार्थियों का कहना है कि 18 फरवरी को जो प्रश्न पत्र विद्यार्थियों को दिया गया वह निर्देशित सैंपल प्रश्न पत्र से एक प्रतिशत भी मेल नहीं खाता है। इस प्रकार छात्रों के भविष्य के साथ बोर्ड के अधिकारियों ने जो आपराधिक खिलवाड़ किया है
जरूरी था पैटर्न का अनुसरण
शिक्षाविदों ने बताया छात्रों के भविष्य को अंधकार में न धकेला जाए और ना उन्हें निराशा के गर्त में डाला जाए। या तो बोर्ड सैंपल पेपर प्रसारित न करता या फिर उसे तदनुसार पैटर्न का अनुसरण करता।
सभी में रोष
इस पेपर के बाद विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा पालकों में भारी रोष देखा जा रहा है। विद्यार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि इस मुद्दे पर स्वयं शिक्षा मंत्री द्वारा संज्ञान लेकर जिम्मेदारों पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की कोई लापरवाही ना हो।
Hemant Bhatt