फैसला : पुलिस पर प्राणघात्क हमले के आरोपी को 7 वर्ष का कठोर कारावास
⚫ पुलिस पर किए तीन बार फायर
⚫ आत्मरक्षा में पुलिस ने घुटनों पर मारी गोली
⚫ मामला नवंबर 2024 का
हरमुद्दा
गुना, 10 सितंबर। पुलिस पर फायर करने वाले आरोपी मुकेश पिता नन्दा जाटव निवासी ग्राम गढ़ला उजारी थाना बमौरी को सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र ने 7 वर्ष के कठोर कारावास के दंड से दण्डित किया।

लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने हरमुद्दा को बताया के घटना 10 नवंबर 24 को म्याना थाना प्रभारी को ऊमरी कस्बा में अतिक्रमण ड्यूटी के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि सिरसी एवं म्याना क्षेत्र में हुई बच्चियों की घटना का आरोपी मोटरसाइकिल से केदारनाथ की ओर देखा गया है। तब म्याना थाना प्रभारी ने उक्त सूचना की जानकारी स्टाफ, सिरसी और बमौरी के थाना प्रभारी को देकर उनसे फोर्स लेकर केदारनाथ की ओर पहुंचने को कहा। इसके बाद पुलिस फोर्स द्वारा खैरीखता रेंज चौकी के पास केदारनाथ की ओर जाने वाले मार्ग पर पुलिस फोर्स ने घेराबन्दी करने के 2 पार्टियां बनाकर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।
पुलिस पर किया तीन बार फायर
शाम लगभग साढ़े सात बजे आरोपी मोटरसाइकिल से केदारनाथ तरफ से आया और पुलिस फोर्स को देखकर मोटरसाइकिल जंगल की ओर मोड़ दी। मोटरसाइकिल नीचे पटककर पुलिस पर जान से मारने की नियत से कट्टे से फायर किया। जब पुलिस ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने पुनः जान से मारने की नियत से पुलिस पर फायर किया। जब पुलिस ने आरोपी से सरेंडर करने को कहा तो आरोपी ने तीसरी बार फिर पुलिस पर फायर करने की कोशिश की, तब पुलिस ने आत्मरक्षा में आरोपी पर फायर किया जिसकी गोली आरोपी के घुटने में लगी जिससे वह वहीं गिर गया। तब पुलिस ने आरोपी को घेरकर पकड़ लिया।
आरोपी के कब्जे से 315 बोर का कट्टा और कारतूस किए जब्त
उसके पास से एक 315 बोर का कट्टा और 3 जिन्दा कारतूस जब्त किए। उक्त प्रकरण में सम्पूर्ण साक्ष्य और अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष के सम्पूर्ण तर्कों को सुनने के पश्चात् न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (1) में 7 वर्ष के सश्रम कारावास, ₹1000/- के अर्थदंड से तथा आयुध अधिनियम की धारा 25 (1-बी)(ए) में 1 वर्ष के सश्रम कारावास, ₹1000/- के अर्थदंड से दण्डित किया। प्रकरण में मध्यप्रदेश राज्य की ओर से लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने पैरवी की।
Hemant Bhatt