"संघ शताब्दी सभागार 2025" का लोकार्पण किया मुख्यमंत्री ने
⚫ सभागार निर्माण के दान-दाताओं का किया मुख्यमंत्री ने अभिनंदन
⚫ समिति के पदाधिकारी ने भेंट किए अतिथियों को स्मृति चिह्न
⚫ सामाजिक सहयोग से संस्थाएं अपने उत्तरदायित्व का निर्वहण करने में हो रही सक्षम : मुख्यमंत्री
⚫ विचारों को समाज के बीच में उतारने का केंद्र है सरस्वती शिशु मंदिर : कैबिनेट मंत्री
⚫ कार्यकर्ताओं के संकल्प से होती है सिद्धि की प्राप्ति : केंद्रीय संगठन मंत्री
⚫ सभागार में महान हस्तियों के 12 जगह लगाए गए प्रेरणादायक वाक्य
हरमुद्दा
रतलाम, 10 अक्टूबर। सरस्वती शिशु मंदिर परिसर काटजू नगर में विद्या भारती की प्रेरणा से बने "संघ शताब्दी सभागार 2025" का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह पूर्वक किया। मुख्यमंत्री 65 मिनट विद्यालय परिसर में रहे। सभागार निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग करने वाले दानदाताओं का अभिनंदन किया गया। छात्राओं ने अद्भुत स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अभिभूत कर दिया। जाते-जाते विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री के फोटो शूट भी हुए।

विद्यार्थियों से मिलते हुए मुख्यमंत्री
लगभग 90 मिनट विलंब से मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही सरस्वती शिशु मंदिर परिसर पहुंचा, वैसे ही छात्राओं ने पुष्प वर्षा एवं छात्र-छात्राओं ने बैंड धुन से स्वागत किया गया। सर्वप्रथम लोकार्पण के लिए बनाए गए शिलालेख "संघ शताब्दी सभागार 2025" का मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने अनावरण किया।
स्वागत नृत्य ने किया अभिभूत

स्वागत नृत्य की प्रस्तुति देते हुए छात्राएं
सभागार में आने के पश्चात मंच पर अतिथियों ने मां भारती एवं सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मंचासीन अतिथियों के समक्ष विद्यालय की बहनों द्वारा स्वागत नृत्य की प्रस्तुति देकर अभिभूत कर दिया।

मंचासीन अतिथि
मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप, विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अखिलेश मिश्रा, विद्या भारती के प्रांतीय अध्यक्ष नगरी शिक्षा प्रकाश धनगर एवं विद्यालय समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सखलेचा मौजूद थे। मंच पर ही कलेक्टर मिशा सिंह जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन एवं एसपी अमित कुमार अलर्ट रहे।
सभागार में लगे प्रेरणादायक वाक्य


दान-दाताओं के आर्थिक सहयोग एवं सांसद निधि से बने भव्य सभागार में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉक्टर हेडगेवार, परम पूज्य गुरु जी जैसे महान हस्तियों के 12 जगह प्रेरणादायक वाक्य
लगाए गए
"जो भी कार्य आरंभ करें, गंभीरता से पूर्ण करें और तब तक संतुष्ट न हो जब तक अपना सर्वश्रेष्ठ ना दे दें"
⚫ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
"हिंदू संस्कृति हिंदुस्तान की धड़कन है अगर हिंदुस्तान की सुरक्षा करनी है तो पहले हिंदू संस्कृति को सवारना होगा"
⚫ डॉ. हेडगेवार
"हमारा लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति नहीं बल्कि सांस्कृतिक एवं नैतिक उन्नति होना चाहिए"
⚫ पंडित दीनदयाल उपाध्याय
" यह हमारी मातृ भूमि है। हम इसे अनुभव करते हैं, यह हमारे रक्त में है। इस भूमि के पुत्र होने के कारण हम सभी बंधु हैं"
⚫ परम पूज्य श्री गुरुजी
दान-दाताओं का किया अभिनंदन

सभागार के लिए 11 लाख रुपए सहयोग देने वाले सखलेचा परिवार का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री

जवाहर चौधरी परिवार का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री
सभागार निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग देने वाले दान-दाताओं के परिजनों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाल श्रीफल एवं माला से अभिनंदन किया
अतिथियों का किया स्वागत
मंचासीन अतिथियों का स्वागत विद्यालय समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सखलेचा सचिव शैलेंद्र सुरेका, विद्या भारती मालवा प्रांत के प्रादेशिक सचिव गोपाल काकानी, विद्यालय की प्राचार्य वत्सला रुनवाल, विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष सुनील लाठी, कोषाध्यक्ष मनीष सोनी, विद्यालय समिति के सहसचिव विनोद मूणत, मेघ कुमार लूनिया, वरिष्ठ सदस्य गुमानमल नहर धीरज व्यास अशोक कुमार जैन एवं जिनदास लुनिया ने किया। अतिथि परिचय विद्यालय के सचिव शैलेंद्र सुरेका ने दिया। स्वागत उद्बोधन समिति अध्यक्ष वीरेंद्र सकलेचा ने देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा बताई।
अतिथियों को भेंट किए स्मृति चिह्न
मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिह्न विद्यालय समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जवाहर चौधरी, सदस्य प्रकाश मूणत, विद्या भारती मालवा प्रांत के सदस्य रशेष राठौड़, सदस्य मणिभद्र कटारिया, विद्यालय के पूर्व सचिव कपिल व्यास, सदस्य किशोर मंडोरा, विद्यालय की सक्रिय महिला सदस्य प्रतिमा सोनटके एवं संगीत महाविद्यालय प्राचार्य तोशी शर्मा, विद्यालय के वरिष्ठ सदस्य सुभाष चितले एवं विस्मय चत्तर ने दिए।
यह थे मौजूद


शुक्रवार को काटजू नगर में हुए लोकार्पण समारोह में महापौर प्रहलाद पटेल, नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा, पूर्व विधायक दिलीप मकवाना, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, सुरेंद्र सुरेका, विद्या भारती के बलवंत भाटी, डॉ. रत्नदीप निगम, माधव काकानी, प्रवीण सोनी, गोविंद काकानी, पूर्व प्राचार्य ब्रजेंद्रनंदन मेहता, मनीष शर्मा, गौरव मूणत, दान-दाताओं के अलावा संघ एवं विद्या भारती शिक्षा से जुड़े विशेष जन मौजूद थे। संचालन विद्यालय की शिक्षिका पूजा जोशी ने किया। आभार विद्यालय की प्राचार्य वत्सला रुनवाल ने माना।
सामाजिक सहयोग से संस्थाएं अपने उत्तरदायित्व का निर्वहण करने में हो रही सक्षम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबोधित करते हुए
सामाजिक संस्थाएं समाज के सहयोग से सामुदायिक महत्व के कार्यों का संपादन और अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करती हैं। समाज के सहयोग से कई स्थानों पर मंदिर, शालाओं और अन्य सामुदायिक महत्व के भवनों का निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुए हैं। सरस्वती विद्या मंदिर द्वारा इस दिशा में की जा रही पहल और जनसामान्य द्वारा इसके लिए दिया जा रहा सहयोग सराहनीय है। दुनिया में कई देश सैन्य और आर्थिक रूप से मजबूत है, लेकिन भारत दुनिया का इकलौता देश है, जहां सनातन संस्कृति से समाज चल रहा है। हम शक्ति में विश्वास न करते हुए संस्कारों में विश्वास करते हैं, और सर्वे भवन्तु सुखिनः के भाव के साथ चलते हैं। भारत हजारों सालों से विश्व गुरू रहा है हमने तक्षशिला, नालंदा, विक्रमादित्य शिला विश्वविद्यालयों के माध्यम से दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। दुनिया के कई देशों के लोग सुशासन की स्थापना के लिए अपने देश के नागरिकों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए भारत भेजते हैं।
⚫ डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश
विचारों को समाज के बीच में उतारने का केंद्र है सरस्वती शिशु मंदिर

कैबिनेट मंत्री श्री काश्यप विचार व्यक्त करते हुए
सरस्वती शिशु मंदिर केवल एक विचार नहीं है। विचारों को समाज के बीच उतारने का केंद्र हैं। जहां विचारों में समर्पण और निष्ठा होती है, यहां पर कार्यकर्ताओं के लिए अनुकरणीय कार्य होते हैं। सेवा और संकल्प के माध्यम से मिली उपलब्धि के रूप में सभागार देख रहे हैं। बड़ी सोच के साथ शताब्दी सभागार को मूर्त रूप दिया है। यह आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर बनेगा। सरस्वती शिशु मंदिर का यह सभागार नेतृत्व का केंद्र बने। खास बात यह है कि जिन हाथों में नेतृत्व दिया जाता है, वह हाथ उत्साह बढ़ाते हुए दायित्व का निर्वहन करते हैं। विरासत से विकास की ओर अग्रसर होते हैं। नेतृत्वकर्ता विचार परिवार को बढ़ाने के लिए कृत संकल्पित हैं।
⚫ चेतन्य काश्यप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री, मध्य प्रदेश शासन
कार्यकर्ताओं के संकल्प से होती है सिद्धि की प्राप्ति

क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री मिश्रा संबोधित करते हुए
कार्यकर्ताओं की संकल्प सिद्धि प्रेरणादायक है। युवा पीढ़ी के अनुरूप विद्यालय का स्ट्रक्चर बना है। खास बात तो यह है कि यह समिति समाज के पैरों पर चलने वाली इकाई है। निश्चित रूप से समिति सम्मान की हकदार है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि संघ के शताब्दी समारोह के दौरान सभागार का नामकरण "संघ शताब्दी" रखकर अनुकरणीय कार्य किया है। हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के आधुनिक विश्वकर्मा हैं। उनके नवाचार और विकास के कार्य आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश ने नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन हुआ है, हमें इसे विस्तार देना है।
⚫ अखिलेश मिश्रा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, विद्या भारती
Hemant Bhatt