फैसला : न्यायालय ने जे.पी. एसोसिएट्स की भूमि की बिक्री खरीदी पर लगाई रोक

फैसला : न्यायालय ने जे.पी. एसोसिएट्स की भूमि की बिक्री खरीदी पर लगाई रोक

श्याम किशोर पोद्दार ने उठाई थी आपत्तियां

⚫ न्यायालय ने दिया महत्वपूर्ण फैसला

हरमुद्दा
शाजापुर, 5 सितंबर। भागीदारी फर्म मे. जे.पी. एसोसिएट्स के साझेदार श्याम किशोर पोद्दार एवं सुमित पोद्दार द्वारा दायर वाद प्रकरण में माननीय वाणिज्यिक न्यायालय/ जिला न्यायालय इंदौर ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित करते हुए फर्म की कृषि भूमि की बिक्री एवं खरीद पर रोक लगा दी है। 


यह आदेश उन परिस्थितियों में दिया गया जब फर्म की संपत्ति को कुछ व्यक्तियों द्वारा बिना सहमति अवैध रूप से बेचने एवं अन्य प्रकार के सौदों में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा था।

करीब 15 एकड़ है जमीन

विवादित भूमि ग्राम गिरवर तहसील एवं जिला शाजापुर में व्यास नर्सिंग होम के आगे, सहज पब्लिक स्कूल के पहले मध्य में दुपाड़ा रोड मुख्य मार्ग पर स्थित है, जो खसरा नंबर 1113/1/2, 1114/1/1/1,  1114/1/2/1,  1114/1/3/1,  1115/1,   1115/2, 1115/3,  1116, 1249/1,  1249/2,  1249/3, 1250/1, 1250/2, 1250/3, 1250/4 कुल 15 खसरे में दर्ज है। भूमि का कुल रकबा लगभग 5.926 हेक्टेयर (करीब 15 एकड़) है। यह भूमि विधिवत रूप से फर्म जी.पी. एसोसिएट्स के नाम पर दर्ज है और अभी तक फर्म का कोई विधिवत विघटन अथवा बटवारा नहीं हुआ है।

बाकी दो भागीदार कर रहे हैं भूमि को बेचने की कोशिश

श्याम किशोर पोद्दार ने स्पष्ट किया है कि बाकी दो भागीदार विजय कुमार जैन व कुसुम जैन द्वारा इस भूमि को व्यक्तिगत स्वामित्व बता कर उसके विक्रय के प्रयास किए गए। साथ ही भूमि का व्यपवर्तन (डायवर्शन), विकास अनुमति (डेवलोपमेन परमिशन), कॉलोनी स्वीकृति एवं नक्शा स्वीकृति नगर पालिका परिषद शाजापुर और अन्य विभागों से प्राप्त करने के लिए भी कार्रवाई की जा रही थी। इस संबंध में उन्होंने व उनके सह-भागीदार सुमित पोद्दार ने कलेक्टर, एसडीएम, नगर पालिका तथा नगर तथा ग्राम निवेश देवास को विस्तृत आपत्तियां दर्ज कराई है। वहीं न्यायालयीन स्थगन आदेश की प्रति भी प्रस्तुत की है। 

आपराधिक षड्यंत्र के लगाए आरोप

इसके अतिरिक्त श्री पोद्दार ने पुलिस थाना शाजापुर में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है जिसमें अवैध सौदेबाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि इस भूमि पर बिना अनुमति कोई सौदा होता है तो यह कृत्य न केवल अवैध होगा बल्कि फर्म के साथ धोखाधड़ी और दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आएगा। 

तो उसके विरुद्ध होगी कठोर कार्रवाई

एडवोकेट मुर्तुजा बोहरा ने जानकारी देते हुए कहा कि यह भूमि फर्म जे.पी. एसोसिएट्स की साझी संपत्ति है और जब तक फर्म का विधिवत विघटन और बटवारा नहीं होता किसी भी भागीदार को व्यक्तिगत रूप से इस संपत्ति का विक्रय करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने हमारे तर्कों को स्वीकार करते हुए भूमि की बिक्री खरीदी पर रोक लगाई है और यह आदेश आम नागरिकों के हित में भी है ताकि उन्हें किसी प्रकार की ठगी या अवैध लेनदेन में फंसना ना पड़े। फर्म के साझेदारों ने आम नागरिकों एवं संभावित खरीदारों से अपील की है कि इस भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार का सौदा न करें। यदि कोई व्यक्ति इस भूमि के संबंध में अवैध लेन-देन करता है तो उसके विरुद्ध कठोर न्यायालयीन एवं आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उसी व्यक्ति की होगी।