भाजपा नेता और पूर्व पार्षद ने की आत्महत्या

भाजपा नेता और पूर्व पार्षद ने की आत्महत्या

कर्ज के बोझ तले थे परेशान

⚫ जहर खाने से पहले जारी वीडियो में कांग्रेस नेता पर आरोप

हरमुद्दा
खंडवा, 11 फरवरी। शहर में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से पहले जारी किए गए एक वीडियो बयान में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी हैं। वीडियो सहित सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

कांग्रेस नेता गणेश जिन पर लगे आरोप

जानकारी के अनुसार, आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर-3 निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घर से निकले और सीधे कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। वहां उन्होंने कथित रूप से सल्फास की गोलियां खा लीं। हालत बिगड़ने पर उन्होंने खुद सकरगाये से अस्पताल ले चलने की गुहार लगाई। उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

आत्महत्या करने वाले चौधरी

पारिवारिक और आर्थिक तनाव

सूत्रों के अनुसार, चौधरी भारी कर्ज और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे बहन के घर भोजन कर रहे थे। कर्ज के बोझ के चलते पत्नी ने उनसे दूरी बना ली थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है, जबकि बेटी उच्च शिक्षित है।

मकान बिकवाने की धमकी

बताया गया कि हर महीने 5 से 10 तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था। 10 फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि थी। चौधरी ने मित्रों से मदद की कोशिश की, लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने पर मकान बिकवाने की धमकी दी जा रही थी।

5 साल से चुका रहे थे ब्याज

मृत्यु पूर्व रिकॉर्ड किए गए वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव और उत्पीड़न से परेशान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 50 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे, इसके बावजूद उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। उनके मुताबिक, इस मानसिक दबाव के कारण वे पूरी तरह टूट चुके थे।

टूट गया बेटी का रिश्ता भी

चौधरी ने वीडियो में यह भी दावा किया कि कर्ज और सामाजिक दबाव के चलते उनकी बेटी का रिश्ता भी टूट गया। उन्होंने कहा कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था, लेकिन अन्य लेनदारों ने कभी इस तरह का दबाव नहीं बनाया।

हो रही सभी पहलुओं पर जांच

फिलहाल पुलिस वीडियो बयान, लेन-देन के दस्तावेज और संबंधित व्यक्तियों के बयान के आधार पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।