साहित्य सरोकार : कला का सम्मान हमारे साझा जनवादी मूल्यों का सम्मान
⚫ प्रो. चौहान ने कहा
⚫ दानिश अलीगढ़ी स्मृति सम्मान दिया मिर्ज़ा मक़सूद बेग को
हरमुद्दा
रतलाम, 31 अगस्त। कला का सम्मान हमारी समूची सभ्यता और संस्कृति का सम्मान है। हम जब किसी कला को सम्मानित करते हैं तो हमारे उन साझा और जनवादी मूल्यों का सम्मान करते हैं जो कई सदियों पहले से आज तक कायम हैं । मिर्ज़ा मक़सूद बेग भी इस परंपरा के रचनाकार हैं, जो हमारे साझा मूल्यों को नौ दशकों से पल्लवित कर रहे हैं।

यह विचार जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित दानिश अलीगढ़ी स्मृति सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि एवं अनुवादक प्रो. रतन चौहान ने व्यक्त किए। 95 वर्षीय बुज़ुर्ग शायर मिर्ज़ा मक़सूद बेग की लेखनी की चर्चा करते हुए प्रो. चौहान ने कहा कि रतलाम शहर में अदबी माहौल बनाए रखने और हमारे आपसी सद्भाव को कायम रखने में मिर्ज़ा मक़सूद बाग की रचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । यह सम्मान हमारी साझा विरासत का सम्मान है।

भगवान श्री कृष्ण के अनन्य भक्त और जैन संत योगींद्रसागर जी द्वारा दिवाकर की उपाधि से विभूषित मिर्ज़ा मक़सूद बेग ने सम्मान के प्रत्युत्तर में कहा कि दानिश भाई के नाम पर स्थापित यह सम्मान मुझे मिलना सौभाग्य की बात है। मैं और दानिश भाई हमकदम ही रहे । दानिश भाई ने रतलाम का नाम पूरे देश भर में रोशन किया और उनके रहते हैं यहां उर्दू अदब का एक बेहतर माहौल था । इस अवसर पर मिर्जा मक़सूद बेग ने अपनी प्रमुख कविताओं का पाठ भी किया । उन्होंने कृष्ण के स्वप्न में आने के की उनकी प्रसिद्ध कविता सहित अन्य रचनाओं का पाठ किया। पुरस्कार के संयोजक जनवादी लेखक संघ सचिव सिद्धीक़ रतलामी ने दानिश अलीगढ़ी और मक़सूदजी के साहित्य पर प्रकाश डाला । विनोद झालानी , डॉ.एन. के .शाह , आई.एल. पुरोहित ,हरिशंकर भटनागर ने उनकी रचनाओं का पाठ किया। संचालन करते हुए रंगकर्मी यूसुफ़ जावेदी ने रतलाम की साहित्य परंपरा और हमारे सामंजस्यपूर्ण संबंधों पर प्रकाश डाला । जनवादी लेखक संघ अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने अतिथियों का स्वागत किया।
सम्मान पत्र भेंट कर किया अभिनंदन
आयोजन में बुजुर्ग रचनाकार मिर्ज़ा मक़सूद बेग को वरिष्ठ कवि श्याम माहेश्वरी ने सम्मान पत्र भेंटकर दानिश अलीगढ़ी स्मृति सम्मान से सम्मानित किया। सम्मान के तहत श्री मिर्ज़ा को शाल, श्रीफल , अभिनंदन पत्र प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि जनवादी लेखक संघ रतलाम द्वारा वर्ष 2022 से प्रदान किए जा रहे दानिश अलीगढ़ी स्मृति सम्मान का यह चौथा सोपान था। इससे पहले विगत तीन वर्षों में सम्मान वरिष्ठ रचनाकार डॉ. जयकुमार जलज, श्याम महेश्वरी एवं डॉ. प्रभा मुजुमदार को प्रदान किया जा चुका है।
इनकी मौजूदगी रही
कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि प्रणयेश जैन, पद्माकर पागे, आई.एल.पुरोहित, विनोद झालानी, दुष्यंत व्यास, जुझार सिंह भाटी, संजय परसाई 'सरल', दिनेश उपाध्याय, राजेश रावल, जितेंद्र सिंह पथिक, चरणसिंह जाधव, अखिल स्नेही, हीरालाल खराड़ी, जावेद अलीगढ़ी, डॉ.गीता दुबे, डॉ.पूर्णिमा शर्मा, आशा उपाध्याय, कीर्ति शर्मा, हरिशंकर भटनागर, मुकेश सोनी, गौरीशंकर खींची, अरुण जोशी , आशीष दशोत्तर सहित सुधिजन मौजूद थे। आभार जनवादी लेखक संघ अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने व्यक्त किया।
नंदलाल उपाध्याय पर केन्द्रित आयोजन 14 सितंबर को
जनवादी लेखक संघ, रतलाम द्वारा आयोजित की जा रही 'एक रचनाकार का रचना संसार' श्रृंखला की छठी कड़ी में दिवंगत कवि नंदलाल उपाध्याय ' अतुल विश्वास ' पर केन्द्रित आयोजन 14 सितंबर को प्रातः 11 बजे भगतसिंह पुस्तकालय शहर सराय, रतलाम पर होगा। जनवादी लेखक संघ ने आयोजन में उपस्थित होने का शहर के सुधिजनों से आग्रह किया है।
Hemant Bhatt