धर्म संस्कृति : सनातन धर्म की परंपरा को जीवित रखने वाले कसेरा का राजपूत समाज द्वारा सम्मान

धर्म संस्कृति : सनातन धर्म की परंपरा को जीवित रखने वाले कसेरा का राजपूत समाज द्वारा सम्मान

आंवला नवमी पर करते हैं नगर की अकेले ही परिक्रमा श्री कसेरा

हरमुद्दा
रतलाम, 6 नवंबर। अमृत सागर तालाब स्थित श्री चारभुजा जी का मंदिर राजपूत समाज  द्वारा  विगत 40 वर्षों से आंवला नवमी पर नगर परिक्रमा करने वाले आनंद कसेरा का समाज द्वारा शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान  किया गया। 

श्री कसेरा आंवला नवमी पर हर वर्ष श्री ऊंकाला गणपति जी का मंदिर से नगर परिक्रमा की शुरुआत करते हैं और शहर के विभिन्न मार्गो करमदी रोड, काला गोरा भेरूजी, सागोद रोड, श्री राम मंदिर, देवरा देवनारायण नगर, जावरा रोड, भक्तन की बावड़ी होते हुए पुनः ऊंकाला गणपति जी मंदिर पर अपनी परिक्रमा पूर्ण करते हैं। 20. 21 किलोमीटर की यह लंबी यात्रा पगडंडी और कच्ची रोड से होते हुए वह मात्र 8 से 10 घंटे में पूर्ण करते हैं। पूर्व में बहुत से लोगो द्वारा भी यह यात्रा की जाती थी, परंतु विगत चार-पांच वर्षों से श्री कसेरा द्वारा अकेले ही इस परिक्रमा को पूर्ण किया जा रहा है। श्री कसेरा द्वारा सनातन धर्म की इस वर्षों पुरानी  परंपरा को जीवित रखकर अपने इस संकल्प व्रत का पालन कर रहे हैं। सनातन धर्म की परंपरा को जीवित रखना ही उनका मूल उद्देश्य है।

यह थे मौजूद

श्री कसेरा के स्वागत के अवसर श्री चारभुजा मंदिर राजपूत समाज ट्रस्ट के अध्यक्ष ठाकुर विजय सिंह हारोड़ नवयुवक मंडल अध्यक्ष ठाकुर अजीत सिंह सांखला, ठाकुर जीवन सिंह चौहान, ठाकुर राजेश सिंह चौहान ठाकुर भगवान सिंह राठौर, ठाकुर भारत सिंह सिसोदिया, ठाकुर करण सिंह राणावत, कुंवर वीरेंद्र सिंह राठौर, ठाकुर प्रवीण सिंह हारोड़,  ठाकुर देवेंद्र सिंह चौहान, ठाकुर मंगल सिंह सिसोदिया सहित समाज जन उपस्थित थे।