जनगणना 2027 : प्रदेश के सिवनी, ग्वालियर के साथ रतलाम जिला भी पायलट प्रोजेक्ट में शामिल
⚫ प्रगणक और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ
⚫ दिल्ली एवं भोपाल से आया मास्टर ट्रेनर का दल
हरमुद्दा
रतलाम, 5 नवंबर। जनगणना 2027 के लिए मध्यप्रदेश के सिवनी, ग्वालियर के साथ रतलाम जिले को भी पायलट प्रोजेक्ट में शामिल गया है। रतलाम ग्रामीण के 45 गांव का चयन किया गया है। बुधवार से जनगणना के लिए प्रगणक और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली एवं भोपाल से आया मास्टर ट्रेनर का दल आया है।
रतलाम पब्लिक स्कूल में प्रगणक और पर्यवेक्षको को भोपाल एवं दिल्ली से आए 8 मास्टर ट्रेनर पवन कुमार मिश्रा, तेजेंदर, उमेशचंद्र कुशवाहा, आयुषी भावसार, दिलीप साहू, आयुषी, साक्षी कुमावत एवं मोना चौहान ने प्रशिक्षण देने की शुरुआत कर दी है।
शुभारंभ अवसर पर यह थे मौजूद

प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर जनगणना निदेशालय नमित यादव, असिस्टेंट डायरेक्टर जनगणना निदेशालय नागेश पाठक कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी मिशा सिंह, तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी जनगणना रतलाम ग्रामीण आशीष उपाध्याय, सहित प्रगणक और पर्यवेक्षक उपस्थित हुए। डिप्टी डायरेक्टर जनगणना निदेशालय श्री यादव ने प्रशिणार्थियो को जनगणना के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिए।
3 दिन चलेगा प्रशिक्षण
पूर्व परीक्षण अंतर्गत नियुक्त प्रगणक और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण 5 नवंबर से रतलाम पब्लिक स्कूल में प्रारम्भ हुआ। रतलाम जिले के कुल 45 ग्रामों में 116 HLB बने है जिसमें 101 प्रगणक और 17 पर्यवेक्षक बनाए गए है, जिन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद लिया जाएगा सभी का टेस्ट
प्रशिक्षण उपरान्त टेस्ट भी लिया जाएगा, जिससे प्रगणको एवं पर्यवेक्षकों को काम करने मे कोई समस्या ना हो।
रतलाम के 45 ग्रामों का चयन

कलेक्टर सिंह संबोधित करते हुए
कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी मिशा सिंह ने कहा कि जनगणना 2027 के लिए मध्यप्रदेश के सिवनी, ग्वालियर के साथ रतलाम जिले को भी पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। रतलाम जिले में रतलाम ग्रामीण के 45 ग्रामों का इसमें चयन हुआ है। जनगणना 2027 प्रथम जनगणना है जिसमें टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा, जिसमें सीरीज और मॉड्यूल्स तैयार किए गए है जिसकी ट्रेनिंग प्रगणक और पर्यवेक्षको को दी जा रही है। 3 दिन के प्रशिक्षण के बाद 10 से 30 नवंबर तक फील्ड पर टीम काम करेगी। चूंकि यह प्रथम डिजिटल जनगणना है। इसलिए इसे पायलट प्रोजेक्ट की तरह किया जा रहा है जिससे इसमें कोई भी समस्या आ रही हो तो उसका निराकरण किया जा सके।
Hemant Bhatt