धर्म संस्कृति : जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री अवधेशानंद गिरि जी महाराज का धूमधाम से मनाया पाटोत्सव
⚫ प्रभु प्रेमी संघ के बैनर तले हुआ आयोजन
⚫ महिला पुरुषों ने किया पादूका पूजन
⚫ भजनों की धुन पर नृत्य किया गुरु भक्तों ने
हरमुद्दा
रतलाम, 5 नवंबर। कार्तिक पूर्णिमा पर जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री अवधेशानंद गिरि जी कमहाराज द्वारा संस्थापित प्रभु प्रेमी संघ का स्थापना दिवस पाटोत्सव के रूप में मनाया गया। काफी संख्या में धर्मालुओं ने पादुका पूजन किया।

बुधवार को टाटानगर क्षेत्र स्थित बुद्धेश्वर हाल में पाठक उत्सव मनाया गया। आचार्यश्री का जन्मोत्सव मनाते हुए भांति भांति के व्यंजनों का भोग लगाया। गुरु भक्तों ने पादूका पूजन किया।
भजनों पर भाव विभोर होकर किए गुरु भक्तों ने नृत्य

पंडित मृदुल कृष्ण जोशी भजन की प्रस्तुति देते हुए

पंडित मृदुल कृष्ण जोशी ने मधुर भजनों की प्रस्तुतियां देकर मंत्रमुग्ध कर दिया। गुरु भक्त भजनों पर भाव विभोर होकर नृत्य करने लगे।
नहीं जलता गुरु के बिना ज्ञान का दीपक
इस अवसर पर पंडित योगेश्वर शास्त्री ने गुरु पूजन की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु बिना ज्ञान का दीपक नहीं जलता। गुरु का आशीर्वाद सबके लिए आवश्यक है। अंत में आरती कर प्रसादी वितरित की गई।
पंडित शास्त्री का किया सम्मान

पंडित शास्त्री का सम्मान करते हुए प्रभु प्रेमी संघ के अध्यक्ष श्री सुरोलिया सहित अन्य
आयोजन में विशेष रूप से उपस्थित पंडित योगेश्वर शास्त्री का प्रभु प्रेमी संघ के शॉल श्रीफल से संघ अध्यक्ष हरीश सुरोलिया, संजय सोनी, कैलाश व्यास एवं नवीन भट्ट ने सम्मान किया गया।
यह थे मौजूद


पाटोत्सव में मौजूद धर्मालु महिला एवं पुरुष
इस दौरान प्रभु प्रेमी संघ के अध्यक्ष हरीश सुरोलिया, पूर्व अध्यक्ष कैलाश व्यास, मनोहर पोरवाल, प्रमोद राघव, केबी व्यास, नारायणलाल शर्मा, रामेश्वर खंडेलवाल, संजीव पाठक, नवीन भटट, भूषण व्यास, संजय सोनी, मुकेश सोनी, वीरेन्द्र जोशी, आरआर दुबे, लल्लन सिंह ठाकुर विष्णुदत्त नागर एवं अरुण त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे। संचालन कैलाश व्यास ने किया।
फोटो : राकेश पोरवाल
Hemant Bhatt