धर्म संस्कृति : श्रीमद्भागवत गीता एवं तुलसी ज्ञान परीक्षा–2025 के परिणाम की हुई घोषणा
⚫ समारोह पूर्वक किए पुरस्कार वितरित
हरमुद्दा
रतलाम, 26 दिसंबर। तुलसी पूजन दिवस के पावन अवसर पर युवा सेवा संघ, रतलाम के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत गीता एवं तुलसी ज्ञान परीक्षा–2025 के अंतर्गत आयोजित विद्यालयीन स्तर, जिला स्तर एवं ओपन वर्ग (जिलास्तरीय) परीक्षाओं के परिणाम घोषणा एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन मांगल्य मंदिर, धर्मक्षेत्र (JVL), रतलाम में गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, ओपन वर्ग के प्रतिभागियों, अभिभावकों, शिक्षकगण एवं शहर के गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। योग वेदांत सेवा समिति अध्यक्ष प्रेम प्रकाश बाथव ने बताया कि संत श्री आशारामजी बापू द्वारा वर्ष 2014 में प्रारंभ किया गया “तुलसी पूजन दिवस” आज एक विश्वव्यापी अभियान का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान का उद्देश्य समाज को स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति एवं संस्कार आधारित जीवन मूल्यों से जोड़ना है।

यह थे मंचासीन मंचासीन
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में रतलाम नगर के महापौर प्रह्लाद पटेल, महर्षि संजय शिवशंकर दवे, भागवताचार्य चेतन शर्मा, जिला डाकघर अधीक्षक राजेश कुमावत, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सोनू यादव, समाजसेवी मदन सोनी, पतंजलि राज्य प्रभारी प्रेम पुनिया, समाजसेवी एवं उद्योगपति पंकज कटारिया, पतंजलि जिला प्रभारी विशाल वर्मा सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मंचासीन रहे। संचालन रविंद्र सिंह जादौन ने किया। कार्यक्रम के अंत में युवा सेवा संघ, रतलाम के अध्यक्ष रूपेश साल्वी आभार माना।
हुआ तुलसी पूजन
इस अवसर पर महर्षि संजय शिवशंकर दवे एवं भगवताचार्य श्री चेतन शर्मा के सान्निध्य में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक तुलसी पूजन संपन्न कराया गया।
भारतीय संस्कृति के स्तंभ श्रीमद् भागवत गीता एवं तुलसी
मांगल्य मंदिर धर्मक्षेत्र की ओर से श्री महावीर सिंह रावल ने कहा कि “श्रीमद्भागवत गीता एवं तुलसी भारतीय संस्कृति के दो ऐसे स्तंभ हैं, जो मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। आज के भौतिक युग में बच्चों और युवाओं को संस्कार, अनुशासन एवं आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने के लिए इस प्रकार के आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है।
होता है सकारात्मक सोच का विकास
महापौर पटेल ने कहा कि “तुलसी केवल एक पौधा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच का विकास होता है।”
प्रस्तुतियों की हुई सराहना
कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति के रूप में बाल संस्कार केंद्र के बच्चों द्वारा तुलसी माता एवं श्रीमद्भागवत गीता के महात्म्य पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने मुक्तकंठ से सराहा। इस अवसर पर आयोजित परीक्षा में हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया, वहीं ओपन वर्ग में भी सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
विद्यार्थी वर्ग में
उत्कृष्ट विद्यालय के संजय बढ़तिया ने प्रथम, समता इंटरनेशनल स्कूल की मुक्ति करनानी ने द्वितीय एवं साईं श्री अकादमी की प्रियंशी चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
ओपन वर्ग में
सिवनी जिले के हरीश कुमार सोनी प्रथम, वेदांती ओसवाल द्वितीय
एवं मुस्कान बाथव तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में युवा सेवा संघ, रतलाम के अध्यक्ष रूपेश साल्वी आभार माना।
Hemant Bhatt