रतलाम रेलवे स्टेशन का शताब्दी वर्ष समारोह : आकर्षक फूलों एवं रंगों की रंगोली, शताब्दी गीत और गुजराती लोक नृत्य की प्रस्तुति ने मनमोहा

रतलाम रेलवे स्टेशन का शताब्दी वर्ष समारोह : आकर्षक फूलों एवं रंगों की रंगोली, शताब्दी गीत और गुजराती लोक नृत्य की प्रस्तुति ने मनमोहा

भारतीय डाक विभाग ने अतिथियों से करवाया टिकट का विमोचन

⚫ चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी की विजेताओं को कलेक्टर ने किया पुरस्कृत

⚫ 93 वर्ष के पेंशनर का शाल श्रीफल से किया अभिनंदन

⚫ रेलवे सुरक्षा बल की निकली बाइक परेड

हरमुद्दा
रतलाम, 14 नवम्‍बर। रतलाम रेलवे स्टेशन के शताब्दी वर्ष का समारोह उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। स्टेशन परिसर में आकर्षक रंगोली और पुष्प सज्जा की गई। शताब्दी गीत और गुजराती आदिवासी लोक नृत्य की प्रस्तुति ने मनमोह लिया। चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को अतिथियों ने पुरस्कृत किया। सबसे वरिष्ठ पेंशनर सहित अन्य का शाल श्रीफल अभिनंदन किया गया। 


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉक्टर लीला जोशी थी। मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार, कलेक्टर मिशा सिंह, जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन, पुलिस अधीक्षक के अमित कुमार, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एवं रेड क्रॉस मेंबर डॉक्टर सुलोचना शर्मा, गोपाल जोशी, जिला विधि सहायता के सचिव नीरज पवैया, पीआरआई मुकेश कुमार पांडेय सहित, रेलवे के अधिकारी कर्मचारी, विशिष्ट जन एवं आमजन मौजूद रहे।

यह हुआ सब उत्सव के तहत

वरिष्‍ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर भजनलाल मीणा ने स्वागत भाषण दिया। स्टेशन परिसर में शताब्दी वर्ष समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा 100 बैलून आकाश में छोड़े गए।
श्री एवं श्रीमती विजेंद्र सिसोदिया ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। गाड़ी बुला रही है सीटी बजा रही है जीत की प्रस्तुति गोपाल बोरीवाल ने दी। श्रीप्रकाश मिश्रा द्वारा लिखे गए गीत "आओ मनाए शताब्दी वर्ष" स्वर राहुल जोशी ने दिया। गीत को दिनेश भावरिया ने संगीत से सजाया। वॉल का अनावरण एवं हिलियम बैलून रेजिंग का आयोजन किया गया।

प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए अतिथि

प्रदर्शनी एवं हेरिटेज आर्टिफैक्ट प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।रेलवे सुरक्षा बल द्वारा बाइक परेड का प्रदर्शन किया गया। सिविल डिफेंस, स्काउट गाइड और स्कूली बच्चों की परेड हुई। गुजरात दाहोद की टीम ने सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हुए आदिवासी लोक नृत्य किया गया। 

पोस्टल कवर का किया विमोचन

पोस्टल कवर का विमोचन करते हुए अतिथि

शताब्दी वर्ष में भारतीय डाक विभाग के प्रवीण श्रीवास्तव ने रेलवे और डाक विभाग के साथ के महत्व को समझाया। मुख्य अतिथि डॉक्टर लीला जोशी, डीआरएम अश्वनी कुमार, सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन सहित अन्य अतिथियों ने विशेष डाक कवर (पोस्टल कवर) का विमोचन किया।  

चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी के विजेताओं को किया पुरस्कृत

विजेता को पुरस्कार करते हुए डॉक्टर जोशी, कलेक्टर सिंह, डीआरएम मैडम एवं डीआरएम

कार्यक्रम में अतिथि डॉक्टर लीला जोशी के साथ कलेक्टर निशा सिंह डीआरएम अश्विन कुमार सहित अन्य ने चित्रकला  एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम अनामिका कैथवास, द्वितीय वंशिका कैथवास एवं तृतीय भवि नागौरा रही। सांत्वना पुरस्कार हर्ष वर्मा और तस्मिया खान को दिया गया। इसी तरह प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं में प्रथम आयुष, द्वितीय यशस्वी एवं तृतीय कृपाली रही। सांत्वना पुरस्कार जोया खान और अक्षत शर्मा को दिया गया। 

पेंशनर्स का किया शॉल श्रीफल फल से अभिनंदन

वरिष्ठ पेंशनर का अभिनंदन करते हुए

कार्यक्रम में मौजूद डीआरएम, कलेक्टर एवं मुख्य अतिथि

डी आर एम एवं मुख्य अतिथि के साथ डीआरएम मैडम, मैडम गुप्ता एवं जिला पंचायत सीईओ जैन

शताब्दी समारोह में रेलवे के सबसे वरिष्ठ उम्र दराज 93 वर्षीय श्री राम दिवे, 83 वर्षीय विष्णु प्रसाद चैदनानी, 75 वर्षीय प्रदीप बारोदिया एवं युवा पेंशनर प्रकाश व्यास (67) का शॉल श्रीफल से अभिनंदन किया गया। पेंशनरों ने अपने विचार भी व्यक्त किए। 

पद्मश्री डॉक्टर जोशी यादों को साझा करते हुए

गांधीजी और वल्लभभाई पटेल को ट्रेन से गुजरते हुए देखा मैंने यहां

जब मैं छोटी थी तब गांधी जी को इंदौर जाते समय रतलाम में देखा। सरदार वल्लभभाई पटेल भी यहां से गुजर रहे थे तब वह सो गए थे मगर लोगों ने लाइन पर सोकर उन्हें उठाया फिर वह बाहर आए और लोगों से मिले। रतलाम रेलवे स्टेशन की यादें आज भी स्मृति पटल पर अंकित है। रेलवे ने बहुत ही अद्भुत कार्यक्रम का आयोजन किया। में अभिभूत हूं।

पद्मश्री डॉक्टर लीला जोशी, मुख्य अतिथि

डीआरएम विचार व्यक्त करते हुए

सेंव, सोना साड़ी और रतलाम स्टेशन की पहचान प्रसिद्ध

रेलवे में रतलाम जंक्शन का अहम स्थान है। यह गर्व का विषय है। रतलाम रेलवे स्टेशन का भवन 100 वर्ष का हो गया। रतलाम की पहचान डेढ़ सौ साल पुरानी रेलवे से जुड़ी हुई है। रतलाम रेलवे स्टेशन ही नहीं अपितु सेंव, सोना और साड़ी से भी जुड़ा हुआ है। रतलाम स्टेशन आर्थिक एवं सामाजिक जीवन का सेतु है भौगोलिक स्थिति से भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। डायमंड क्रॉसिंग यहां की प्रसिद्ध रही है। दिल्ली मुंबई के मध्य का स्टेशन  है। रतलाम की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है।

अश्वनी कुमार, मंडल रेल प्रबंधक रतलाम

किया स्मृति चिह्न भेंट

कार्यक्रम का संचालन करते हुए लीना नागदे एवं दिनेश भावरिया

मुख्य अतिथि डॉक्टर जोशी को डीआरएम श्री कुमार ने स्मृति चिह्न भेंट किया। संचालन लीना नागदे एवं दिनेश भावरिया ने किया। वरिष्‍ठ मंडल वाणिज्‍य प्रबंधक हीना वी. केवलरामानी ने आभार माना।

फोटो : लगन शर्मा