ऐसा भी होता है : रतलाम रेलवे स्टेशन के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में भारतीय डाक विभाग के स्पेशल कवर हुआ विमोचन
⚫ विशेष कैंसिलेशन मोहर का हुआ अनावरण
⚫ माय डियर गजानन शर्मा के ऐतिहासिक दोनों चित्रों को कवर पर स्थान
हरमुद्दा
रतलाम, 14 नवंबर। भारतीय डाक विभाग ने रतलाम रेलवे स्टेशन के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक "विशेष आवरण" जारी किया। इस अवसर पर एक विशेष कैंसिलेशन मोहर का भी अनावरण किया गया। कवर पर रतलाम स्टेशन के 100 पुराने भवन के ऐतिहासिक चित्रों को स्थान दिया गया है, जिन्हें माय डियर गजानन शर्मा ने कैद किया था।
शुक्रवार को रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 4 पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. लीला जोशी, मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार, जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री आशा नीनापुरे, असिस्टेंट डायरेक्टर पोस्टल सर्विसेज प्रवीण श्रीवास्तव, अधीक्षक डाकघर रतलाम राजेश कुमावत एवं विशेष आमंत्रित अतिथियों के द्वारा इस विशेष आवरण का विमोचन किया गया।
कैंसिलेशन मोहर का भी हुआ अनावरण

श्री कुमावत ने बताया कि रतलाम रेलवे स्टेशन भवन के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय डाक विभाग द्वारा एक विशेष कैंसिलेशन मोहर का भी अनावरण किया। इस मोहर का उपयोग सिर्फ आज के लिए ही किया गया था। इसके बाद इसका उपयोग नहीं होगा। यह सब विशेष अनुमति के तहत होता है।
यह है एक संग्रहणीय स्मृति


श्री कुमावत ने हरमुद्दा से चर्चा में बताया कि डाक विभाग के मध्यप्रदेश डाक परिमंडल के सहयोग से जारी भारतीय डाक विशेष आवरण एक संग्रहणीय स्मृति है जो रतलाम रेलवे स्टेशन की 100 वर्ष की गौरवमयी यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों को अविस्मरणीय बनाता है।
विशेष कवर प्रधान डाकघर में उपलब्ध
यह मालवा की धरती पर रेलवे की स्थापना, आजादी के समय राष्ट्रध्वज के आरोहण के साक्षी पलों के साथ-साथ भाप इंजन से लेकर आधुनिक वंदे भारत ट्रेन तक की रेलवे की प्रगति यात्रा एवं नवाचारों को एक स्थायी मान्यता है। जिन्हें इस प्रकार के संग्रहण का शौक है वह इन्हें लेते रहते हैं। वैसे देखा जाए तो यह एक प्रकार का राजसी शौक है। डाक टिकट के संग्रह के शौकीनों के लिए 5/- के डाक टिकट पर विशेष विरूपण मोहर सहित यह विशेष आवरण रतलाम प्रधान डाकघर में स्टॉक की उपलब्धता तक ₹25/- में बिक्री हेतु उपलब्ध है।
माय डियर शर्मा के घर कवर देने पहुंचे विभाग के अधिकारी

श्रीमती शर्मा को कर भेंट करते हुए डाक विभाग के श्री कुमावत व अन्य
भारतीय डाक विभाग के अधिकारी माय डियर लगन शर्मा के निवास पर शाम को कवर देने के लिए पहुंचे। श्री कुमावत में माय डियर गजानन शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती शकुंतला शर्मा को कवर भेंट किया। इस दौरान श्री शर्मा के मित्र लकी पाटीदार भी मौजूद थे।
शासकीय अशासकीय संस्था भी करवा सकती है ऐसा
विशेष कवर का अनावरण कोई भी शासकीय या अशासकीय संस्था विशेष वर्ष रजत जयंती वर्ष स्वर्ण जयंती वर्ष अन्य कोई प्रसंग में ऐसा करवा सकती है। इसके लिए विशेष राशि खर्च करना होती है। कवर का विमोचन कहां करवाना है, पोस्ट ऑफिस में या उसके बाहर। छुट्टी के दिन करवाना है या फिर कार्य दिवस में करना है। सुविधा के अनुसार अलग-अलग खर्च संस्था को वहन करना होते हैं।
ऐसे लिए थे उस जमाने में वर्तमान में उपलब्धि वाले चित्र

भारतीय डाक विभाग द्वारा जिस कवर का अनावरण उसके ऊपर जो चित्र प्रकाशित किए हैं उन्हें शहर के प्रसिद्ध छायाकार माय डियर गजानन शर्मा द्वारा दिए गए हैं। माय डियर लगन शर्मा ने हरमुद्दा से चर्चा में बताया कि 15 अगस्त 1947 का ऐतिहासिक भारतीय राष्ट्र ध्वज का प्रथम झंडावंदन रतलाम रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन पर करते हुए Bombay Baroda & Central India Railway के तत्कालीन रतलाम डिस्ट्रिक्ट ट्रैफिक सुपरिंटेंडेंट ने किया था और इस ऐतिहासिक क्षण को कैमरे से चित्रित करने का सौभाग्य मेरे पिताजी स्वर्गीय गजानन जी शर्मा को प्राप्त हुआ था।

यह चित्र पिताजी ने इंग्लैंड में निर्मित ऐंसाइन बॉक्स कैमरे से कोडेक 120 मिमी की रोल फ़िल्म पर लिया था। इसमें सिर्फ़ 8 एक्सपोजर्स ही संभव होते थे । इसका उन्होंने जर्मन फोटो पेपर ‘मिमोसा‘ पर प्राकृतिक सूर्यप्रकाश से कांटेक्ट प्रिंट बनाया था, जो आज भी मेरे पास उसी अवस्था में केमरे के साथ सहेजा हुआ रखा है, चूँकि उस वक्त विद्युत रतलाम में नागरिकों के लिए उपलब्ध नहीं थी तो फोटोग्राफी केवल डेलाइट में ही संभव होती थी, परंतु फ़िल्म और पेपर के डेवलपमेंट और प्रोसेसिंग कार्य(silver halide wet chemical process) के लिए स्वयं के आविष्कार से डार्क चैम्बर बनाना होता था जिसमे पिताजी ने यह तस्वीर बनायी थी। यह आपके लिए मैं यहाँ भेज रहा हूँ ।
Hemant Bhatt