देश के विभिन्न प्रांतों से संतों ने पत्र भेजकर किया मालव भूषण पंडित रत्न महेंद्र मुनिजी की गुणानुवाद

देश के विभिन्न प्रांतों से संतों ने पत्र भेजकर किया मालव भूषण पंडित रत्न महेंद्र मुनिजी की गुणानुवाद

श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक में गुणानुवाद सभा में पहुंचे सैकड़ो श्रद्धालुजन

हरमुद्दा
रतलाम,11 अगस्त। मालव केसरी पूज्य गुरुदेव श्री सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य एवं श्रमण संघीय प्रवर्तक धर्मदास गण के नायक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी म सा के आज्ञानुवर्ती संत रत्न मालव भूषण पंडित रत्न प्रखर वक्ता पूज्य श्री महेंद्र मुनिजी म सा के देवलोक गमन पश्चात भव्य गुणानुवाद सभा हुई। श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस सभा में सैकड़ो श्रद्धालुजन शामिल हुए।

गुणानुवाद सभा में गुजरात के सूरत में विराजित श्रमण संघीय आचार्य प्रवर शिव मुनिजी , युवाचार्य पूज्य श्री महेंद्र ऋषि जी, मालवा प्रवर्तक प्रकाश मुनिजी, महाराष्ट प्रवर्तक कुंदन ऋषिजी दिवाकर प्रवर्तक विजय मुनिजी एवम तप केसरी पूज्य राजेश मुनिजी म सा ने पत्र भेजकर मुनिश्री का गुणानुवाद किया। पत्रों का वाचन अंचल मूणत, सौरभ मूणत,सुनील गांधी, संदीप चौरड़िया एवं संजय बोहरा ने किया।

मुनिश्री ने 66 वर्ष का पाला दीक्षा पर्याय

गुणानुवाद सभा में श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं श्री सौभाग्य तीर्थ के मार्गदर्शक प्रकाश मूणत ने मुनिश्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने 88 वर्ष की उम्र में 66 वर्ष का दीक्षा पर्याय पाला, महाराष्ट गुजरात मध्यप्रदेश राजस्थान आदि क्षेत्रों में विचरण किया। अपने जीवन काल मे अनेक युवाओ को धर्म के मार्ग पर अग्रसर किया और लगभग 3 वर्ष पूर्व रतलाम श्री संघ के निवेदन पर अपना नासिक चातुर्मास पूर्ण कर रतलाम के सौभाग्य तीर्थ पर अपने जीवन के अंतिम समय तक स्थिरवास किया। उनका सरलता और सादगी भरा जीवन सबके लिए प्रेरणादायी है।

सदैव सक्रिय रहे संयम काल में

सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट के सुरेंद्र गादिया ने कहा कि मुनि श्री ने अनेक चातुर्मास आचार्य पूज्य श्री उमेश मुनिजी मसा के सानिध्य में भी किए। उनकी दीक्षा लिमडी में उप प्रवर्तिनी महासाध्वी रमणीक कुंवरजी दमु के साथ सम्पन हुई थी। संयम काल में वे सदैव सक्रिय रहे।

अंत में हुई मांगलिक

सौम्य चत्तर ने बताया कि सभा को सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष कन्हैयालाल गांधी, रंगलाल चोरडिया इन्दरमल चोपड़ा, आजाद मेहता आदि ने भी संबोधित किया। संचालन रखब चत्तर ने किया। इस दौरान श्री संघ सहित नवयुवक मंडल,बालक मंडल, महिला मंडल आदि सैकड़ों की संख्या में श्रावक एवं श्राविका मौजूद रहे। अंत मे हेमंत गांधी द्वारा मांगलिक श्रवण कराई गई।