सामाजिक सरोकार : नेत्रम संस्था की प्रेरणा से हुए राजेश, सुशीला और कन्हैयालाल के नेत्रदान

सामाजिक सरोकार : नेत्रम संस्था की प्रेरणा से हुए राजेश, सुशीला और कन्हैयालाल के नेत्रदान

⚫ छह लोगों के जीवन में आएगा उजियारा

हरमुद्दा
रतलाम, 16 अक्टूबर। मानवता, संवेदना और परोपकार की प्रेरक मिसाल पेश करते हुए नेत्रम संस्था के प्रयासों से तीन नेत्रदान संपन्न हुए। तीन दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों ने दुःख की घड़ी में भी मानव सेवा का अनुकरणीय निर्णय लेते हुए नेत्रदान की सहमति प्रदान की। इन नेत्रदानों से छह दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद जगी है। परिजनों के इस निर्णय ने समाज को संदेश दिया कि किसी के जीवन का अंतिम पड़ाव भी दूसरे के जीवन में नई शुरुआत बन सकता है।

नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने बताया कि नेत्रदान की सहमति मिलते ही शासकीय मेडिकल कॉलेज, रतलाम की डीन को सूचना दी गई।

तीन परिवारों ने दुःख की घड़ी में लिया प्रेरणादायी निर्णय

पहला नेत्रदान : राजेश अरोड़ा

फ्रीगंज निवासी स्व. राजेश अरोड़ा के असामयिक निधन के पश्चात जनशक्ति के महेश खंडेलवाल की प्रेरणा से उनके पुत्र अंकुर अरोड़ा एवं परिजनों ने नेत्रदान की सहमति प्रदान की। शासकीय मेडिकल कॉलेज, रतलाम की टीम के विनोद कुशवाह एवं सहयोगियों ने कॉर्निया संग्रहण की प्रक्रिया संपन्न की।

दूसरा नेत्रदान : सुशीला चोपड़ा

इंद्रानगर निवासी स्व. अवतार कृष्ण चोपड़ा की धर्मपत्नी श्रीमती सुशीला चोपड़ा के असामयिक निधन के बाद सुशील मीनू माथुर, तुलसी शर्मा एवं जूलियस चाको की प्रेरणा से उनके पुत्र अरुण चोपड़ा एवं परिजनों ने नेत्रदान का निर्णय लिया। कॉर्निया संग्रहण की प्रक्रिया गीता भवन न्यास, बड़नगर के डॉ. जी. एल. दादरवाल ने संपन्न की।

तीसरा नेत्रदान : कन्हैयालाल ढोल

ग्राम आलनिया निवासी स्व. कन्हैयालाल ढोल के निधन के पश्चात धर्मराज पाटीदार (दन्तोड़ा) की प्रेरणा से उनके पुत्र ओमप्रकाश ढोल एवं परिजनों ने नेत्रदान की सहमति प्रदान की। परिवार के इस निर्णय ने सामाजिक सेवा और मानवता के प्रति समर्पण की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की।

मेडिकल कॉलेज की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

 नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में डॉ. सौरभ पांडे, नर्सिंग ऑफिसर राजवंत सिंह एवं विनोद कुशवाह ने मनोज के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई।

प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

इस सेवा कार्य में नेत्रम संस्था के शलभ अग्रवाल ने अपने निजी वाहन से मेडिकल टीम को दिवंगतों के निवास तक पहुंचाने और प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मेडिकल कॉलेज वापस लाने की व्यवस्था की। उनका यह सहयोग सेवा कार्य के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। इस अवसर पर नेत्रम संस्था, गीता भवन न्यास बड़नगर एवं शासकीय मेडिकल कॉलेज, रतलाम की ओर से परोपकारी परिवारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।