अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी : प्रेमी पर बना रही थी दबाव घर ले जाने के लिए, प्रेमी ने रास्ते में उतार दिया मौत के घाट
⚫ पति द्वारा दी जानकारी के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
⚫ आरोपी प्रेमी को किया गिरफ्तार
हरमुद्दा
रतलाम, 8 जुलाई। पति के साथ पीयर में रहने वाली गुड्डी बाई प्रेमी पर दबाव बना रही थी कि वह अपने साथ घर ले जाए। प्रेमी मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया, लेकिन रास्ते में ही गला घोटकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी प्रेमी के गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आदिवासी अंचल शिवगढ़ के समीप गांव पाडलियाघाटा में शिवगढ़ बाजना रोड सोगल डुंगरी घाट रोड के किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिला था। जिस पर थाना शिवगढ़ पर मर्ग क्रमांक 27/25 धारा 194 बी.एन.एस.एस. की पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया।
एसपी के निर्देश पर टीम का गठन
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर थाना प्रभारी शिवगढ़ मोहन सिंह मौर्य के नेतृत्व में टीम का गठन कर अज्ञात मृतिका के शिनाख्तगी एवं घटना के सभी पहलुओं पर जांच के निर्देश दिए गए।
पहले हुई मृतका की पहचान
पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। टीम द्वारा मृतिका की पहचान गुड्डी पति कालू सिंगाड निवासी मउडीपाडा बायडी थाना शिवगढ़ के रूप में की गई। महिला को उसके पति कालू पिता मोहन सिंगाड़ एवं भाई विष्णु पिता दुदा गरवाल द्वारा पहचान की गई।
पति ने दी जानकारी तो पुलिस हुई सक्रिय
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आए कि मृतिका गुड्डी 06 जुलाई 2025 को रावटी गई थी, जो वापस घर पर नहीं आई। मृतिका के पति कालू पिता मोहन सिंगाड जाति भील उम्र 40 साल ने बताया कि घटना के पहले मैने पत्नी गुड्डी बाई को दशरथ गुर्जर (45) के साथ मोटर सायकिल पर बैठकर रावटी से बाजना तरफ जाते हुए देखा था। चश्मदीद साक्षी के कथनों के आधार पर संदेही दशरथ पिता बल्लु गुर्जर को पुलिस ने पहले राउंड अप किया। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार किया।
प्रेमी ने बताया गुड्डी घर पर रहने का बना रही थी दबाव
आरोपी दशरथ ने बताया कि मृतिका गुड्डी से प्रेम संबंध था। मृतिका मेरे घर पर साथ रहने के लिए दबाव बना रही थी। इस कारण से मैं उसे बाजना बाजार जाने के बहाने से ले गया और रास्ते में मौका देखकर दुप्पटे से गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी दशरथ गुर्जर के विरुद्ध अपराध धारा 103 बी.एन.एस. व 3(2)(V) SC,ST Act का पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में निरीक्षक मोहन सिंह मौर्य (थाना प्रभारी शिवगढ़), निरीक्षक अय्यूब खान (थाना प्रभारी बिलपांक), उप निरीक्षक अमित शर्मा, आर सी खड़िया, अजमेर सिंह, सहायक उप निरीक्षक आई एम खान, नन्दकिशोर राठौर, प्रधान आरक्षक धीरेन्द्र सिंह, दिनेश खींची, जीतेन्द्र पाल, रघुवीर सिंह, मेहताब, ईश्वर सिंह थाना बिलपांक, राहुल जाट थाना बिलपांक, मनीष, नितेश, रमेश, जीतेन्द्र प्रसाद, आर 493 शैतान खड़िया, रोहित गुर्जर, आशीष शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
Hemant Bhatt