नेशनल लोक अदालत : जिले के न्यायालय में लंबित 798 प्रकरणों का किया निराकरण, 1884 व्यक्ति लाभान्वित
⚫ 201926729 रुपए का अवार्ड पारित
⚫ मोटर दुर्घटना दावा के 28 प्रकरणों का निराकरण
⚫ 9948240 रुपए का अवार्ड
⚫ 117 व्यक्ति लाभान्वित
⚫ 14 साल के बाद दम्पत्ति हुए एक साथ
हरमुद्दा
रतलाम 10 मई। नेशनल लोक अदालत में सम्पूर्ण जिले में न्यायालय में लंबित 798 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें 1884 व्यक्ति लाभान्वित हुए। कुल 201926729 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रयास कर मोटर दुर्घटना दावा के 28 प्रकरणों का निराकरण कर 9948240 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। 117 व्यक्ति लाभान्वित हुए। 14 साल के बाद दम्पत्ति एक साथ हुए। सर्वर डाउन होने के कारण आम जन को जलकर और संपत्ति कर जमा करने में घण्टों इंतजार करना पड़ा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश नीरज पवैया ने "हरमुद्दा" को बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली (नालसा) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन ए.डी.आर. भवन, जिला न्यायालय रतलाम में किया गया।
दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ

कार्यक्रम का ऑनलाईन शुभारंभ मुख्य न्यायाधीश म.प्र. उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा प्रातः 10 बजे किया गया। इसके बाद ए.डी.आर. भवन में कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री नीना आशापुरे प्रधान जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस दौरान अध्यक्ष अधिवक्ता संघ रतलाम- राजीव उबी, अधिवक्ता संघ के सचिव ठा. लोकेन्द्रसिंह गेहलोत, जिला विधिक सहायता अधिकारी पूनम तिवारी मौजूद रहे। नेशनल लोक अदालत के अवसर पर एडीआर भवन में सजावट कर रंगोली बनाई गई। लोक अभियोजन अधिकारी, एल.डी.एम एम.एल. मीणा, रतलाम, बी.एस.एन.एल. विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, अभय शर्मा चीफ एवं अन्य सहायक एल.ए.डी.सी.एस अधिवक्तागण, समस्त खण्डपीठों के अधिवक्ता सदस्यगण, पैरालीगल वालेंटियर उपस्थित रहे।
बैंक एवं फाइनेंस
नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) प्रकरणों में बैंकों/फायनेंस कं. के 35 प्रकरणों का निराकरण कर 2718771 रुपए की राशि जमा करवाई गई। जिसमें 40 व्यक्ति लाभान्वित हुए।
विद्युत विभाग
विद्युत विभाग के 60 प्रकरणों का निराकरण कर 1092659/- रूपये की राशि जमा करवाई गई।
नगर निगम जलकर एवं संपत्ति कर
नगर निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार जलकर के 373 प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिसमें 5524025/- राशि जमा कराई गई। सम्पत्ति कर के 296 प्रकरणों में 5137000/- राशि जमा करवाई गई। सर्वर डाउन होने के कारण संपत्ति कर और जलकर की राशि जमा करने में लोगों को घण्टों इंतजार करना पड़ा। गर्मी में हाल बेहाल रहे।
बीएसएनल
रतलाम शहर में (बीएसएनएल) के 12 प्रकरणों का निराकरण कर 43494/- रूपये की राशि जमा कराई गई।
तहसील न्यायालय
कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार तहसील (राजस्व) न्यायालयों में 251 फोजदारी प्रकरणों तथा 93 राजस्व (रेवेन्यू) प्रकरणों का निराकरण किया गया।
801 प्रकरणों में 833 लाभान्वित
इस प्रकार कुल 801 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। 14754949 रुपए की राशि जमा करवाई गई। जिसमे कुल 833 व्यक्ति लाभान्वित हुए।
यह सभी रहे मौजूद

लोक अदालत में राम गुप्ता, प्रधान जिला न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, रविन्द्र प्रतापसिंह चुण्डावत, विशेष न्यायाधीश/नोडल अधिकारी नेशनल लोक अदालत, जिला न्यायाधीश संजीव कटारे, आशीष श्रीवास्तव, बरखा दिनकर, श्वेता तिवारी, राजेश नामदेव, निर्मल मण्डोरिया, राकेश कुमार शर्मा, सपना भारती कतरोलिया, सी.जे.एम., रेलवे मजिस्ट्रेट अतुल यादव, जिला रजिस्ट्रार अनुपम तिवारी, सपना शर्मा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायाधीश जितेन्द्र रावत, सुश्री सपना कनोड़िया, श्रीमती मुग्धा कुमार, रविना चौधरी, प्रगति असाटी, अतुल श्रीवास्तव, आकांक्षा गुप्ता, आकांक्षा श्रीवास्तव, मंगल परमार, रूपाली बिरला, प्रवेश काबरा, आकांक्षा, अरूणसिंह ठाकुर, वैशाली चौहान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण के द्वारा सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।
कुटुम्ब न्यायालय द्वारा पति-पत्नी को सकुशल भेजा घर

प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय रामजी गुप्ता द्वारा
द्वारा पती-पत्नी के झगडे के प्रकरण का निराकरण किया गया। प्रकरण न्यायालय में 14 वर्ष से लंबित था । दोनो पति-पत्नी बार-बार अपने प्रकरण के निराकरण के लिए रतलाम न्यायालय में आए। पति राजस्थान से आया। दोनो पति पत्नी को आज नेशनल लोक अदालत में उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया। जिस पर दोनो पति-पत्नी उपस्थित हुए। दोनो ने साथ रहने का आपसी समझौता समझाईश उपरांत किया। दंपत्तियों के बीच आपसी सहमति के आधार पर राजीनामा कराकर प्रकरणों को समाप्त कराया गया। दपंत्ति खुशी-खुशी अपने घर को गए। नगर निगम की उद्यानिकी शाखा द्वारा समझौता करने वाले पक्षकारों को वितरण करने हेतु निःशुल्क पौधे प्रदाय किए गए। जिनको संबंधित पीठासीन अधिकारी द्वारा पक्षकारो को वितरण किया गया।
Hemant Bhatt