पर्यावरण, जल संरक्षण की कार्ययोजना एवं भविष्य की संभावनाओं चर्चा

पर्यावरण, जल संरक्षण की कार्ययोजना एवं भविष्य की संभावनाओं चर्चा

राज्य मंत्री श्री नगर से मुलाकात की पर्यावरण विद डॉक्टर पुरोहित ने

⚫ सामाजिक सरोकार रखने वाले विभिन्न पहलुओं पर सुझाव किए सांझा

हरमुद्दा
रतलाम, 2 दिसंबर। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पिछलें पांच दशक से सक्रिय रतलाम के पर्यावरणविद डॉ. खुशाल सिंह पुरोहित ने विश्राम गृह रतलाम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) मोहन नागर से भेंट की।पर्यावरण और जल संरक्षण की कार्ययोजना एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।


डॉ. पुरोहित ने बताया कि वर्ष 1991 में दस हजार किलों मीटर यात्रा करने के बाद मालवा के पर्यावरण पर पहली नागरिक रिपोर्ट मालवा का पर्यावरण जारी की गई थी। क्षेत्र के जल, वायु और वन संसाधनों पर अपने अध्ययन और अनुभव साझा किए। उन्होंने ‘पर्यावरण डाइजेस्ट’ पुस्तक की प्रतियां भी भेंट कीं, जिसमें क्षेत्र की वन संपदा, पेड़ों की कटाई, सघन वन, जल संरक्षण के उपाय और वायु गुणवत्ता संबंधित जानकारी समाहित है।

सामाजिक सरोकार रखने वाले विभिन्न पहलुओं पर सुझाव किए सांझा

इसके अलावा उन्होंने रतलाम जिले में चल रहे अपने वृक्षारोपण अभियान, सघन वन संरक्षण, बोरी बंधान एवं वर्षा जल संचय, पक्षियों के लिए पानी के पात्र वितरण और शैक्षणिक संस्थानों में पर्यावरण शिक्षा जैसे कार्यों व  स्थानीय समुदाय को जल, जंगल और वायु संरक्षण के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आदि पर भविष्‍य की कार्ययोजना पर सुझाव सांझा किए। 

पर्यावरणीय नीतियों और कार्यक्रमों के लिए मार्गदर्शक साबित डॉ. पुरोहित के प्रयास

श्री नागर ने डॉ. पुरोहित के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके अध्ययन और सक्रिय कार्य प्रदेश की पर्यावरणीय नीतियों और कार्यक्रमों के लिए मार्गदर्शक साबित होंगे।