सामाजिक सरोकार : दुर्घटना में राजमल भंडारी का निधन, पर प्रेरणा बना जीवन हुए नेत्रदान

सामाजिक सरोकार : दुर्घटना में राजमल भंडारी का निधन, पर प्रेरणा बना जीवन हुए नेत्रदान

धार्मिक समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे धर्मनिष्ठ भंडारी

⚫ जीवन उपरांत किसी की आँखों का उजाला बनने का लें संकल्प

हरमुद्दा
रतलाम, 6 दिसंबर। शुभ विहार कॉलोनी निवासी स्व. भैरूलाल भंडारी के सुपुत्र धर्मनिष्ठ राजमल भंडारी (नासका वाले) का शनिवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया। श्री भंडारी के नेत्रदान किए गए नेत्रम संस्थान ने आमजन से आह्वान किया है कि जीवन उपरांत नेत्रदान का संकल्प ले।


श्री भंडारी मंगलम् सिटी कॉलोनी में आयोजित मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान महू रोड बस स्टैंड के पास एक अज्ञात वाहन चालक की टक्कर से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान दोपहर में उन्होंने अंतिम सांस ली।

लिया नेत्रदान का निर्णय

उनके निधन के उपरांत समाजसेवी प्रमोद भंडारी व पंकज भंडारी की प्रेरणा से उनके पुत्र हेमंत भंडारी, राकेश भंडारी एवं परिजनों ने नेत्रदान का निर्णय लिया। रेडकॉस सोसायटी के संचालक एवं नेत्रम संस्था के संस्थापक हेमंत मूणत ने बताया कि घटना की सूचना रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को दी गई। डॉ. मुथा के निर्देशन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर विनोद कुशवाह और गौरव की टीम ने नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। नेत्रदान के इस महत्त्वपूर्ण निर्णय से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को नई दृष्टि प्राप्त होगी।

जीवन उपरांत किसी की आँखों का उजाला बनने का लें संकल्प

 नेत्रम संस्था ने भंडारी परिवार के इस कदम को “अंधकार में उजास की लौ” बताते हुए कहा कि नेत्रदान ऐसा महादान है, जो मृत्यु के बाद भी जीवन देता है। संस्था ने समाज से अपील की कि सभी लोग जीवन उपरांत भी किसी की आँखों का उजाला बनने का संकल्प लें।