रोमांच, जिज्ञासा और पर्यावरण प्रेम का संदेश देते हुए शुरू हुआ राज्य स्तरीय मोगली उत्सव
⚫ ऐसा लग रहा मोगली और उसके मित्र हमारे आसपास है
⚫ हांसिल की पेंच के समृद्ध पर्यावरणीय इतिहास से जुड़ी जानकारियाँ
हरमुद्दा
सिवनी,27 अक्टूबर। पेंच टाइगर रिजर्व के तुरिया गेट पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मोगली उत्सव की भव्य शुरुआत हुई। 29 अक्टूबर तक चलने वाले तीन दिवसीय आयोजन बच्चों में रोमांच, जिज्ञासा और पर्यावरण प्रेम का संदेश देते हुए शुरू हुआ।
आयोजन में प्रदेशभर के 55 जिलों के बाल मोगली (छात्र-छात्राएँ) और शिक्षक दलों ने उत्साहपूर्वक शामिल हुए। जिले की प्रतिनिधि टीम ने भी उत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और मोगली की धरती को नजदीक से देखने का अवसर पाकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया।
ऐसा लग रहा मोगली और उसके मित्र हमारे आसपास हो
प्रतिभागियों रानू पाटीदार, हिमांशु कुशवाह, वंदना आंजना और समीर कुशवाह ने कहा कि “जंगल जंगल बात चली है पता चला है…”गीत को सुनते हुए आज ऐसा लगा जैसे मोगली और उसके सभी मित्र हमारे आसपास ही हों।
तीन दलों में बांटा विद्यार्थियों को
क्विज़ मास्टर मुकेश ठन्ना ने बताया कि उत्सव के प्रथम दिवस पर हर्षा नामदेव के नेतृत्व में सभी प्रतिभागियों को तीन दलों बल्लू, बघीरा और का में बाँटा गया। इन दलों को हेविटेट सर्च, ट्रेजर हंट और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों में शामिल किया गया। प्रत्येक दल को एक-एक जिप्सी दी गई जिसमें पाँच-पाँच प्रतिभागी एवं एक अनुभवी गाइड शामिल थे, जो पेंच के वन्यजीवन और जैव विविधता के बारे में जानकारी दे रहे थे।
हांसिल की पेंच के समृद्ध पर्यावरणीय इतिहास से जुड़ी जानकारियाँ
जिले की टीम को खवासा बफर एरिया में नेचर ट्रेल गतिविधि के अंतर्गत भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने मोगली, उसके मित्रों और पेंच के समृद्ध पर्यावरणीय इतिहास से जुड़ी जानकारियाँ प्राप्त की।
यह थे मौजूद
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कलेक्टर शीतला पाटले, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता, क्षेत्रीय अधिकारी पेंच टाइगर रिजर्व नरेश पाटीदार एवं जिला शिक्षा अधिकारी एस.एस. कुमरे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों के लिए अवसर अनमोल अनुभव
जिले के इको क्लब नोडल अधिकारी ऋतेश पंवार ने इस अवसर पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि “जिले के बच्चों को राज्य स्तरीय मोगली उत्सव में भाग लेने का यह अवसर उनके लिए एक अनमोल अनुभव रहेगा।” उन्होंने सभी प्रतिभागियों को आगामी गतिविधियों के लिए शुभकामनाएँ दीं।
साथ ही प्राचार्य राजेंद्र बॉस ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाते हैं।
Hemant Bhatt