फैसला : वाहन खड़े करने की बात पर हुआ था विवाद, आरोपी अभय को तीन अकाउंट में 6-6 साल की सजा
⚫ तीन पर किया जानलेवा हमला
⚫ फरियादी को 6-6 माह की सजा
⚫ मामला मार्च 2019 का
हरमुद्दा
रतलाम, 26 नवंबर। तीन व्यक्तियों पर जान से मारने का प्रयास करने वाले आरोपी अभय पितलिया को प्रत्येक व्यक्ति को जानलेवा चोट पहुंचने पर तीन अलग-अलग अकाउंट में न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने 6-6 वर्ष का कारावास एवं अर्थ दंड की सजा दी। इसके साथ ही फरियादी को छह-छह माह के कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थ दंड से दंडित किया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया गया कि फरियादी हरीश द्वारा 25 मार्च 2019 को शाम 6 बजे सिविल हॉस्पिटल रतलाम में पुलिस को यह रिपोर्ट लिखाई कि वह नाहरपुरा रतलाम में रहते हुए ऑटो गैरेज चलता है। उसकी दुकान और घर एक ही जगह पर है। पड़ोस में ही आरोपी अभय पितलिया का घर है।
अभियुक्त करता रहता था झगड़ा फरियादी से
बाजार में आने-जाने वाले लोग आरोपी अभय के घर के सामने वाहन खड़े कर देते थे। इसी को लेकर आए दिन अभियुक्त अभय फरियादी व उसके परिवार के साथ झगड़ा करता था। 25 मार्च 2019 की शाम 6:00 बजे उसके पिताजी नीचे घर के बाहर खड़े थे, तभी अभय पितलिया उनके पिताजी गोवर्धन लाल से झगड़ा करने लगा और बोला कि उसके घर के सामने गाड़ी क्यों खड़ी करवाते हो? इस पर फरियादी के पिता ने कहा कि अभी हटा देते हैं। इतने में अभय पितलिया फरियादी के पिता के साथ मां बहन की नंगी नंगी गालियां देने लगा। जब फरियादी नीचे उतर कर आया तो आरोपी अभय पितलिया द्वारा उसके पिता गोवर्धन को जान से मारने की नीयत से चाकू निकाल कर पेट एवं बाएं हाथ की कोहनी पर मार दिया था, जिससे पिता नीचे गिरे तो फरियादी अभय पितलिया को पकड़ने के लिए दौड़ा तो अभय पितलिया द्वारा जान से मारने की नियत से चाकू फरियादी हरीश के सीने पर भी मारा जिससे उसे खून निकलने लगा और वह जमीन पर गिर गया था। इतने में उसका भाई प्रमोद बीच बचाव करने के लिए आया तो उससे भी अभय पितलिया ने जान से मारने के नियत से चेहरे पर चाकू से मारा, जिससे उसकी बाई आंख पर गले से लगाकर नीचे तक चोट लगी थी जिससे वह नीचे गिर गया। तभी उसके फूफा सुनील राठौर ने आकर बीच-बचाव किया था और अभय पीतलिया मौके से भाग गया था।
तीन पर किया जानलेवा हमला दोनों में 6-6साल की सजा
फरियादी हरीश की रिपोर्ट पर थाना माणक चौक पर अपराध क्रमांक 137 /2019 अंतर्गत धारा 307 294 भादवि के तहत असल अपराध की कायमी की गई थी। इसी प्रकार आरोपी अभय पितलिया की रिपोर्ट पर गोवर्धन, हरीश तथा विमल चौहान के विरुद्ध भी धारा 323, 294 भादवी का प्रकरण दर्ज किया गया था। दोनों प्रकरणों का विचारण अष्टम जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया साहब के यहां पर किया गया। यहां पर अभियोजन द्वारा अपने साक्ष्य एवं दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे। अभय उर्फ अब्बू पीतलिया को तीनों आहत गणों को जान से मारने की नीयत से प्राण घातक चोट पहुंचाने का दोषी पाने पर अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंडोरिया द्वारा आरोपी को तीन काउंटर में क्रमशः 6-6-6 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया एवं कुल ₹9000 का अर्थ दंड तथा आयुध अधिनियम की धारा 25 1(B) के तहत आरोपी को 2 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा एवं ₹1000 अर्थ दंड की सजा सुनाई। इस प्रकार कुल ₹10000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
फरियादी को भी सुनाई सजा 6-6 माह की
इसी प्रकार क्रॉस प्रकरण में गोवर्धन चौहान, हरीश चौहान तथा विमल चौहान को आरोपी के साथ धारदार हथियार से मारपीट करने का दोषी पाए जाने पर 6-6 माह के कारावास एवं ₹1000 के अर्थ दंड से दंडित किया गया। प्रकरण में पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के द्वारा की गई।
Hemant Bhatt