कैबिनेट मंत्री के आवास की सुरक्षा में पुलिस ने किया रास्ता बंद, रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री हुए परेशान
कैबिनेट मंत्री के आवास की सुरक्षा में पुलिस ने किया रास्ता बंद, रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री हुए परेशान
⚫ रेल यात्री और कांग्रेसी में फर्क नहीं कर पाई जनता की सेवक पुलिस
⚫ बाहरी यात्रियों को दिखाया अनजान रास्ता
⚫ कांग्रेसियों को घंटा नहीं बजाने के लिए की सारी मशक्कत
हरमुद्दा
रतलाम, 6 जनवरी। कैबिनेट मंत्री के आवास तक कांग्रेसी नहीं पहुंचे, इसके चलते पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया। इसका सीधा-सीधा असर रेलवे स्टेशन जाने वाले रेल यात्रियों पर पड़ा। वह सामान लेकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हुए। मगर जनता की सेवक पुलिस को रेल यात्री और कांग्रेसी में फर्क नजर नहीं आया। उनका तो एक ही मकसद था कैबिनेट मंत्री के आवास के सामने से कोई नहीं गुजरे।
इंदौर में दूषित जल वितरण के बात हुई मौत और नगरी प्रशासन मंत्री द्वारा जो वक्तव्य दिया गया, उसके विरोध में कांग्रेस के तय कार्यक्रम के तहत मंगलवार को कांग्रेस द्वारा शहर सराय पर दिवंगतों को श्रद्धांजलि देकर कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के स्टेशन रोड स्थित निवास पर घंटा बजाकर मोहन सरकार बर्खास्त करने के लिए मांग का आवेदन देना था।
रेल यात्री हुए हैरान परेशान
कांग्रेसी कैबिनेट मंत्री के निवास तक नहीं पहुंच पाए इसलिए बेरिकेट लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया। स्टेशन जाने वाले यात्री इसके चलते खासे परेशान हुए। रेल से आने वाले यात्री तो पीछे के रास्ते से अपने घर की ओर चले गए, मगर जो यात्री रेलवे स्टेशन जाकर रेल से यात्रा करना चाह रहे थे, उन्हें दिल बहार चौराहे से ही अपना सामान लेकर जाना पड़ा, मगर रास्ते में बैरिकेट्स ने उनकी राह को मुश्किल में तब्दील कर दिया। पुलिस वालों ने जाने नहीं दिया जबकि वे पैदल ही जा रहे थे। साइड वाले रास्ते पर भी दुकानदार ने अपने बोर्ड लगा दिया और रास्ता बंद कर दिया। रतलाम शहर से अनजान लोग रेलवे स्टेशन का सीधा रास्ता जानते थे, उन्हें गलियों में भेज दिया गया, जबकि वह गलियां उनके परिचय की नहीं थी। अनजान लोग सामान के साथ गलियों में भी भटकते रह गए। स्टेशन पहुंचने में काफी मशक्कत करना पड़ी।
चाहते तो कर सकते थे ऐसा सहानुभूति पूर्वक
जनता की सेवा पुलिस चाहती तो रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को बैरिकेट्स का कुछ हिस्सा खोलकर पैदल जाने दे सकती थी, मगर उन्होंने ऐसा जनहित में बिल्कुल भी नहीं सोचा। लगता है जनसेवक पुलिस को रेल यात्री और कांग्रेसियों की पहचान नहीं है। इस कारण लकीर के फकीर की तरह बैरिकेट्स लगाकर उसके सामने डटे रहे। आमजन परेशान हो उनकी भला से इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता जरा भी सहानुभूति नजर नहीं आई।
दर्जनों पुलिस, फायर ब्रिगेड रहे तैनात
कैबिनेट मंत्री के घर की ओर कोई न जा सके इसके लिए बैरिकेट्स के अंदर और बाहर फायर ब्रिगेड के वाहन खड़े थे ताकि कांग्रेसियों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाई जा सके मगर ऐसा कुछ हुआ नहीं। दिलबहार चौराहे पर पुलिस के वाहनों की कतारें लगी हुई थी।
Hemant Bhatt