रतलाम में खाकी बेअसर: कागजों में बंद 'अहाते' पर सरेआम छलक रहे जाम, हुआ विवाद

रतलाम में खाकी बेअसर: कागजों में बंद 'अहाते' पर सरेआम छलक रहे जाम, हुआ विवाद

चाकूबाजी में युवक की बड़ी आंत कटी

⚫ आरोपियों को गिरफ्तार करने और कलाली बंद करने की मांग को लेकर दो बत्ती थाने पर प्रदर्शन

हरमुद्दा
​रतलाम, 12 जुलाई। शहर में पुलिसिया इकबाल और कानून का खौफ किस कदर दम तोड़ चुका है, इसकी एक और खूनी बानगी शुक्रवार रात जूनी कलाल सेरी में देखने को मिली। गाली गलौच के बाद हुए विवाद में एक युवक ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर घायल युवक का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश कर रही है। रविवार को आक्रोशित समाज जन दो बत्ती थाना पहुंचे और आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा कलाली बंद करने की मांग की।

अस्पताल में उपचाररत घायल अंकित

शासन के आदेशानुसार भले ही शहर में अहाते बंद करने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन मैदानी हकीकत यह है कि अहाते अभी भी चल रहे हैं। इसी का नतीजा रहा कि शुक्रवार रात सरेआम शराब पी रहे कुछ लोगों के बीच हुई मामूली कहासुनी खूनी वारदात में बदल गई। 

बाबर खान ने किया अंकित पर जानलेवा हमला

हाथीखाना में रहने वाले मुस्लिम युवक बाबर खान ने अंकित (पिता रमेश कहार) पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।
​हमला इतना जानलेवा था कि अंकित के शरीर से खून का फव्वारा फूट पड़ा। सूचना मिलने पर 'Dial 112' की टीम उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां प्राथमिक उपचार में ही उसे 15 से 20 टांके आए। इसके बावजूद हालत नाजुक होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां जांच में पता चला कि चाकू के गहरे वार से अंकित की बड़ी आंत कट चुकी है, जिसके बाद डॉक्टरों ने आनन-फानन में उसका क्रिटिकल ऑपरेशन किया।

घायल की मां और ​आक्रोशित भोई समाज पहुंचा  दो बत्ती थाना

​इस घटना से रविवार को भोई समाज का गुस्सा फूट पड़ा। घायल अंकित की मां पुष्पा देवी, मौसी का लड़का, भाई पवन कहार सहित दर्जनों समाजजन और आक्रोशित नागरिक दो बत्ती थाने पहुंचे। समाज के लोगों ने थाना प्रभारी (TI) जितेंद्र सिंह जादौन को एक सख्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर हैं।
​समाज की दो टूक मांग है कि आरोपी को चौबीस घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। इसके साथ ही क्षेत्र में अशांति और अपराध की जड़ बनी 'कलाली' (शराब दुकान) को वहां से तुरंत बंद या शिफ्ट किया जाए, क्योंकि यह दुकान अपराधियों और पियक्कड़ों का मुख्य अड्डा बन चुकी है।

बुर्के में आई महिला ने फेंकी मिर्ची

पवन कहार

मौसी के लड़के भाई पवन कहार ने ज्ञापन देने के दौरान कहा कि उस रात को एक बुर्के में महिला आई थी जिसकी हाथ में थैली थी जिसमें मिर्ची रखी हुई थी। उसने मिर्ची फेंकी। मिर्ची अंकित सहित अन्य पुलिस कर्मियों की आंख में भी गई। चाकुओं के साथ आए 15-17 आरोपियों ने हमला कर दिया। पुलिस के सामने हुए हमले के बाद अंकित को डायल 112 में अस्पताल ले गए। आंते कटने से स्थिति गंभीर हुई तो मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां पर ऑपरेशन हुआ। कल पूरा दिन इसी में होने के कारण आज रविवार को ज्ञापन देने आए हैं, ताकि उचित कार्रवाई हो सके।

मोटरसाइकिल भी लेकर आए समाजजन

घटना स्थल पर आरोपियों की एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (पंजीयन क्रमांक MP-43-BD-4125) छूट गई थी, जो जांच करने पर हाट रोड राजेंद्र नगर निवासी 'सद्दाम' नाम के व्यक्ति की पाई गई है। आरोप है कि बुर्का पहनकर हमला करने वाली महिला उसी की पत्नी थी। ज्ञापन देने आए समाजजन मौके से उठाई गई मोटरसाइकिल भी लेकर आए, थाने में जमा करवाई।

रतलाम बंद की ​चेतावनी

भोई समाज और क्षेत्र के नागरिकों ने साफ कर दिया है कि यदि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कलाली पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। रतलाम बंद किया जाएगा। दो बत्ती थाना प्रभारी जादौन ने आश्वासन दिया कि शीघ्र कार्रवाई होगी। 

शीघ्र गिरफ्तार करेंगे नामजद और अज्ञात आरोपियों को

सत्येंद्र घनघोरिया, सीएसपी

बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना स्थल और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि सभी आरोपियों की पहचान की जा सके। जल्द ही सभी नामजद और अज्ञात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सत्येंद्र घनघोरिया, सीएसपी, रतलाम

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मुद्दे की बात

जब 'अहाते' बंद, तो महफिलें कैसे?

​यह घटना रतलाम पुलिस और आबकारी विभाग की मुस्तैदी के दावों के मुंह पर करारा तमाचा है। सरकार ने अहाते बंद किए ताकि सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी और उससे होने वाले अपराध रुक सकें। लेकिन रतलाम में नियम सिर्फ कागजों की शोभा बढ़ा रहे हैं। जूनी कलाल सेरी क्षेत्र में रात होते ही नशेड़ियों की महफिलें जम जाती हैं। पुलिस की लचर गश्त और आबकारी विभाग की अनदेखी के कारण आज एक युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

​रतलाम में आम हुई चाकूबाजी, कब जागेगा प्रशासन?

​रतलाम अब धीरे-धीरे अपराधियों और चाकूबाजों की शरणस्थली बनता जा रहा है। छोटी-छोटी बातों पर चाकू निकाल लेना यहां आम बात हो चुकी है। बदमाशों में न तो पुलिस की लाठी का डर है और न ही कानून का। अगर समय रहते पुलिस ने इन अवैध अड्डों और सरे राह नशा करने वालों पर 'जीरो टॉलरेंस' के तहत कड़ा एक्शन नहीं लिया, तो जनता का बचा-कुचा भरोसा भी सिस्टम से उठ जाएगा।